हरिद्वार@RashtriyVichar#। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाते हुए सरकारी नाम की आड़ में सीवरेज डंपिंग का बड़ा खेल सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र में उत्तराखंड जल संस्थान का नाम लिखे ट्रैक्टर-सेक्शन मशीन से खुलेआम नालों में दूषित और अपशिष्ट जल बहाया जा रहा था। मामला सामने आते ही जल संस्थान और पुलिस प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद अवैध सीवरेज कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार जल संस्थान, जोन-प्रथम भूपतवाला के अपर सहायक अभियंता को गुप्त सूचना मिली थी कि एक निजी ऑपरेटर विभाग का नाम इस्तेमाल कर खुले नालों में गंदा और प्रदूषित पानी डंप कर रहा है। इससे न केवल महामारी फैलने का खतरा बढ़ रहा था, बल्कि गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्काल कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर दी। शिकायत में बताया गया कि ट्रैक्टर-सेक्शन मशीन पर फर्जी तरीके से “उत्तराखंड जल संस्थान” लिखा गया था, ताकि कोई शक न करे और वाहन आसानी से शहर में घूम सके। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन को पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि पकड़ा गया चालक लाल सिंह लंबे समय से होटलों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और निजी मकानों से सीवरेज निकालने का ठेका लेकर उसे बिना ट्रीटमेंट सीधे खुले नालों में बहा रहा था। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि संबंधित ट्रैक्टर पहले जल संस्थान में अनुबंधित था। ट्रैक्टर मालिक की मौत के बाद विभाग से अनुबंध समाप्त हो गया, लेकिन वाहन से सरकारी बोर्ड नहीं हटाया गया। आरोपी इसी सरकारी पहचान का फायदा उठाकर महीनों से प्रशासन की आंखों में धूल झोंकता रहा और अवैध सीवरेज डंपिंग का धंधा बेखौफ चलाता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर गंगा सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर ऐसे लोग कुछ पैसों के लालच में पूरे शहर के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अन्य वाहनों की भी जांच कर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए।
