Rising Mental Stress Among Youth: Seminar Held at Pokhri Government College Highlights Causes and Solutions
- प्रतिस्पर्धा, करियर और सोशल मीडिया का दबाव बढ़ा रहा तनाव
- विशेषज्ञों ने बताए बचाव के उपाय
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर।
पट्टी क्वीली के पोखरी स्थित शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय में युवा पीढ़ी में बढ़ता मानसिक तनाव: कारण और समाधान विषय पर एक परामर्श एवं व्याख्यान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ० शशिबाला वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें संयोजक डॉ० नीमा भेतवाल एवं सह-संयोजक अजय तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ० नीमा भेतवाल ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं का जीवन अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है, जिसमें सफलता प्राप्त करने के लिए असाधारण कौशल और मानसिक संतुलन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई, करियर की चिंता, रोजगार की अनिश्चितता और भविष्य को लेकर असुरक्षा जैसी कई वजहों से युवाओं में मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लगातार तनाव की स्थिति युवाओं में अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, अवसाद और यहां तक कि आत्महत्या जैसे गंभीर परिणामों को जन्म दे सकती है। ऐसे में समय रहते इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
प्राचार्य डॉ० शशिबाला वर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों को तनाव के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कहा कि आज का युवा बेहतर अंक लाने, अच्छी नौकरी पाने और दूसरों से आगे निकलने की होड़ में खुद पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने छात्रों को समय प्रबंधन सीखने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
प्रो० डीपी सिंह ने विषय की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया आज युवाओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग मानसिक तनाव को बढ़ाने का एक बड़ा कारण बन रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक उपयोग किया जाए।
कार्यक्रम के सह-संयोजक अजय तिवारी ने भी युवाओं को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास, परिवार और मित्रों से खुलकर संवाद, तथा सकारात्मक सोच अपनाकर तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्रो० डीपी सिंह, श्रीमती सरिता देवी, अंकित कुमार, श्रीमती सुनीता सहित अंशिका, किरन, श्वेता, शिवानी, मानसी, कोमल आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराना रहा, जो कि काफी हद तक सफल भी रहा।
