Anganwadi Workers Intensify Protest in Dharchula Over Wage Disparity and Retirement Benefits Demand
नदीम परवेज@धारचूला। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 6 अप्रैल 2026 से जारी हड़ताल 25 अप्रैल को भी जारी रही, जहां कार्यकर्तियों ने धारचूला तहसील का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रही कार्यकर्तियों ने वेतन विसंगति दूर करने और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उनसे बीएलओ, जनगणना, पोषण, राशन वितरण, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय नहीं मिलता।
कार्यकर्तियों ने इसे सरकार की “दोहरी नीति” बताते हुए कहा कि अब यह आर-पार की लड़ाई है। आंदोलन को उस समय और बल मिला जब उत्तराखंड क्रांति दल ने इसे समर्थन देने का ऐलान किया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उपाध्यक्ष सविता कुटीयाल ने कहा, “हम अपना हक मांग रहे हैं, पीछे हटने का सवाल ही नहीं। प्रदर्शन के दौरान सविता कुटियाल, कौशल्या नापलच्याल, अध्यक्ष सरिता गुंजियाल, विमला रोंगकाली,
भागीरथी गर्ब्याल, विमला बिष्ट, तुलसी टाकुली, पूजा जोशी, सीता, मीरा, कमला, अंजनी, विनिता सिस्ताल, धना देवी, रावती, सुमन, विमला, कविता, महेश्वरी सहित अन्य कार्यकर्तियाँ मौजूद रहीं।
वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के रमेश थलाल, राजेन्द्र रायपा, राजेन्द्र दिगारी, चंचल सिंह ऐरी, शंकर सिपाल,हरक सिंह, हिमांशू ठगुन्ना हरीश सिंह, धर्म सिंह धामी,
लक्ष्मण कुमार सहित बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने धरने को समर्थन दिया।
