Goljyu Maharaj’s Sacred Doli Reaches Dehradun for the First Time, Devotional Fervor Grips City
- आस्था और परंपरा का संगम: गोल्ज्यू महाराज यात्रा ने जगाई सांस्कृतिक चेतना
- डोली के CIMS&UIHMT कॉलेज पहुंचने पर ग्रुप के अध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने किया भव्य स्वागत,लिया आशीर्वाद
देहरादून@RashtriyVichar। उत्तराखंड की समृद्ध लोकआस्था और परंपरा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब चम्पावत से न्याय देवता श्री गोल्ज्यू महाराज की पावन डोली पहली बार देहरादून पहुंची। “श्री गोल्ज्यू महाराज यात्रा 2026” के अंतर्गत यह डोली अपनी धरोहर न्यास के माध्यम से शहरवासियों को दर्शन देने पहुंची, जिससे पूरे देहरादून में भक्तिमय माहौल बन गया।

डोली ने सर्वप्रथम मणिमाई मंदिर में दर्शन दिए, जिसके बाद यह कुंआवाला स्थित सीआईएमएस कॉलेज पहुंची। यहां सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने श्रद्धा के साथ डोली का भव्य स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक रमेश चंद्र जोशी, मैनेजिंग निदेशक संजय जोशी, निदेशक जानकी जोशी सहित शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धाभाव से दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की।
इसके उपरांत डोली ने देहरादून के प्रमुख धार्मिक स्थलों घंटाघर, गोरखाली सुधार सभा गढ़ी कैंट, टपकेश्वर महादेव मंदिर, द्रोण आश्रम और मां काली मंदिर रायपुर का भ्रमण किया। हर स्थान पर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ डोली का स्वागत किया, जिससे पूरा शहर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
यात्रा का संयोजन अपनी धरोहर न्यास के अध्यक्ष विजय भट्ट और योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी द्वारा किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकदेव परंपरा और आस्था को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, ताकि समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रह सके।
