A sudden flood from Tibet wreaked havoc in Nepal’s Rasuwa district, killing at least seven people, damaging bridges, markets and police offices, and triggering rescue operations.
- रसुवा में कुदरत का कहर
- बाढ़ में बाजार-चौकियां तबाह
- सैकड़ों वाहन बहे, कई लापता
नदीम परवेज@ धारचूला/ रसुवा। तिब्बत की ओर से अचानक आए भीषण सैलाब ने नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती टिमुरे और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। बुधवार सुबह करीब नौ बजे लेन्दे खोला में अचानक आए उफान ने देखते ही देखते टिमुरे बाजार, रसुवागढ़ी सीमा नाका और आसपास की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ में कम से कम सात लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि वाहन, मकान, पुल और अन्य ढांचागत सुविधाएं इसकी चपेट में आ गईं। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई बाजार क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक तीन पुलिस कार्यालय भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क और कई पुलों के बह जाने से संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
बाढ़ से कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। भोटेकोशी नदी के उफान का असर निचले इलाकों तक पहुंचने के कारण नुवाकोट और त्रिशूली नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

टिमुरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों के कई जवानों के लापता होने की भी सूचना है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार दोपहर तक कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी मार्ग और मुग्लिन–नारायणगढ़ मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ का प्रभाव नीचे की ओर बढ़ सकता है, इसलिए त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी स्थिति में नदी के किनारे न जाएं।
बाढ़ की भयावहता और नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है। राहत और बचाव अभियान जारी है तथा लापता लोगों की तलाश की जा रही है। ऐसे में मृतकों और प्रभावितों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
