SIR: Nepali-Origin Women in Dharchula Seek Retention of Names in Voter List
- SIR के बीच नेपाली मूल की महिलाओं की बढ़ी चिंता
- मतदाता सूची में नाम बचाने की गुहार
नदीम परवेज@ धारचूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की जांच के बीच नेपाल से विवाह होकर धारचूला आई महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वर्षों से भारतीय क्षेत्र में रहकर परिवार बसा चुकी इन महिलाओं ने अपने नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि शादी के बाद वे 15 से 20 वर्षों से धारचूला में रह रही हैं, लेकिन अब सत्यापन के दौरान उनसे नेपाल में रह रहे माता-पिता के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
मायके से पुराने दस्तावेज जुटाना पड़ रहा भारी: महिलाओं का कहना है कि उनके माता-पिता मूल रूप से नेपाल के निवासी हैं। ऐसे में भारत में रहते हुए मायके से पुराने प्रमाणपत्र और दस्तावेज जुटाना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन और निर्वाचन विभाग से मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान और बीडीसी भी निर्वाचित हैं महिलाएं: स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें कई महिलाएं ऐसी भी हैं, जो लंबे समय से स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया में हिस्सा लेती रही हैं। कुछ महिलाएं ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य जैसे निर्वाचित पदों पर भी रह चुकी हैं। ऐसे में अब SIR के दौरान उनके नामों को लेकर उठे सवालों से परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
11 दस्तावेज उपलब्ध कराना बना चुनौती: मामला जिलाधिकारी तक भी पहुंच चुका है। वहीं, उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से जो भी दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा है, उसे लेकर नियमानुसार संस्तुति की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार चल रही है।
14 हजार मामले पैंडिग: धारचूला में SIR के तहत करीब 20 हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक करीब छह हजार मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 14 हजार मामलों की सुनवाई बाकी है। प्रशासन ने 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने नाम मतदाता सूची से हटने की स्थिति में हैं।
