- विगत 9 फरवरी से खंड कार्यालय परिसर, नरेंद्रनगर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है कर्मी
- काम ठप्प, जनता को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी
वाचस्पति रयाल @ नरेंद्रनगर। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मिनिस्ट्रियल कर्मी गत 9 फरवरी से खंड कार्यालय परिसर, नरेंद्रनगर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों के आंदोलन से विभागीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था, छोटे पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को उनके तहसील क्षेत्र में स्थानांतरण तथा लंबे समय से पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों को पदोन्नति दिए जाने की मांगें शामिल हैं।
धरने पर बैठे कर्मचारियों के नेताओं शाखा अध्यक्ष महिपाल सिंह भंडारी, शाखा सचिव धीरज भंडारी एवं कर्मचारी नेता मातबर लाल ने बताया कि इन मांगों को लेकर संगठन द्वारा शासन और सरकार स्तर पर कई बार वार्ताएं की गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। तीनों मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हुई हैं और अब तक उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि शासन की हठधर्मिता के चलते कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से लोक निर्माण विभाग का कार्यालयीन कार्य ठप हो गया है। फाइल निस्तारण, पत्रावलियों का कार्य और जनहित से जुड़े मामलों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को देहरादून में प्रमुख अभियंता कार्यालय का घेराव करते हुए रैली निकाली जाएगी, जबकि 18 फरवरी को प्रदेशभर के सभी मिनिस्ट्रियल कार्मिक यमुना कॉलोनी, देहरादून स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसमें प्रदेश स्तर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में अध्यक्ष महिपाल सिंह भंडारी, सचिव धीरज भंडारी, कर्मचारी नेता मातबर लाल के साथ शिवराम लसियाल, शिवनारायण भट्ट, कैलाश सिंह, विक्रम रौथाण, बृजमोहन कोठारी, महेश लाल, राकेश नेगी, सूरज जोशी तथा सुभाष नौटियाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
