A government primary school in Kalika, Dharchula, has grown from zero to 36 students through teacher dedication, community support and renewed parental trust.
- बंद होने की कगार से फिर गुलजार हुआ कालिका स्कूल
- बढ़ने लगी बच्चों की संख्या
नदीम परवेज@ धारचूला। कभी जिस विद्यालय में छात्र संख्या शून्य होने के कारण ताला लग गया था, आज उसी राजकीय प्राथमिक विद्यालय कालिका में 36 बच्चे पढ़ रहे हैं। शुक्रवार को तीन नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जिससे विद्यालय में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह बदलाव अभिभावकों के बढ़ते भरोसे, शिक्षक के समर्पण और स्थानीय समुदाय की मेहनत की मिसाल बन गया है।
बंद कर दिया था स्कूल: करीब एक वर्ष पहले छात्र संख्या शून्य होने पर विद्यालय बंद कर दिया गया था। इसके बाद स्थानीय शिक्षक प्रकाश जोशी ने विद्यालय को दोबारा शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी मेहनत और ग्रामीणों के सहयोग से बंद विद्यालय फिर खुला और अब यहां बच्चों की चहल-पहल लौट आई है।
अब नन्हें कदमों से हुआ गुलजार: धारचूला विकासखंड में छात्र संख्या के लिहाज से विद्यालय अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने चार नए शिक्षक भी विद्यालय में भेजे हैं। कभी सूना पड़ा विद्यालय परिसर अब नन्हे कदमों और बच्चों की आवाजों से गूंज रहा है।
सामूहिक प्रयास लाए रंग: विद्यालय की यह कहानी बताती है कि इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से बंद होती शैक्षिक व्यवस्था को भी नई जिंदगी दी जा सकती है। शून्य से 36 विद्यार्थियों तक का सफर अब गांव के लिए उम्मीद और प्रेरणा की कहानी बन गया है।
