- फीस न होने से रुकी छात्रा की परीक्षा, डीएम बने सहारा; असहायों को मिली आर्थिक मदद
देहरादून@रा.वि.। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही राहत प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान कुल 170 शिकायतों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी के संवेदनशील और त्वरित फैसलों से कई असहाय और जरूरतमंद लोगों को तत्काल राहत मिली, जिससे फरियादियों के चेहरे खिल उठे।
जनता दर्शन में एक मार्मिक मामला सामने आया, जब आर्थिक तंगी के कारण कक्षा छह की छात्रा विदुषी की परीक्षा फीस जमा न होने से स्कूल ने उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया था। इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के माध्यम से छात्रा की फीस जमा कराने और उसे तत्काल परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए।
इसी तरह दिव्यांग पुत्र की देखभाल में असमर्थ सरिता नामक महिला की समस्या भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने रायफल फंड से आर्थिक सहायता देने के साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना के तहत चार हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता स्वीकृत कर दी।
पारिवारिक प्रताड़ना के मामलों में जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। बेटे द्वारा उत्पीड़न से परेशान एक हृदय रोगी बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम ने तत्काल गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं बहू द्वारा प्रताड़ित बुजुर्ग दंपति के मामले में भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
इसके अलावा दुर्घटनाग्रस्त शमशाद के लिए वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई, जबकि विधवा अरुणा का 34,395 रुपये का लंबित पेयजल बिल रायफल फंड से जमा कराने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, स्मृता परमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
