- यात्रा से पहले ट्रैफिक संकट गहराया, टैक्सी स्टैंड न बनने से बढ़ी मुसीबत
नदीम परवेज@ धारचूला। सीमांत नगर धारचूला इन दिनों भीषण यातायात अव्यवस्था से जूझ रहा है। नगर के मल्ली बाजार, तहसील परिसर, गांधी चौक और नेपाल रोड पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। हालात इतने खराब हैं कि आम नागरिकों के साथ पुलिस कर्मियों को भी यातायात नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
चिंताजनक बात यह है कि अभी यात्रा सीजन शुरू भी नहीं हुआ है। मई माह से शुरू होने वाली आदि कैलाश यात्रा के दौरान हर वर्ष वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में वर्तमान स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यात्रा काल में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
बार-बार चेतावनी, फिर भी ठोस समाधान नहीं
स्थानीय रं समाज और व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी से कई बार यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष प्रकाश गुजियाल का कहना है कि नगर में टैक्सी स्टैंड के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। फिलहाल टैक्सी वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं, जिससे जाम के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
कृष्णा गर्बियाल ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार यातायात व्यवस्था का ध्वस्त होना गंभीर लापरवाही दर्शाता है।
थाना प्रभारी हरेंद्र नेगी ने भी स्वीकार किया कि वर्षों से टैक्सी चालकों द्वारा स्टैंड की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार बढ़ते वाहनों का दबाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
घोषणा हुई, अलबत्ता, जमीन पर नहीं उतर पाई
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा टैक्सी स्टैंड की घोषणा तो की गई थी, लेकिन अब तक भूमि चिन्हित नहीं हो सकी है। जब तक स्थायी स्थान तय नहीं होगा, तब तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
बड़ा सवाल—यात्रा सीजन में क्या होगा?
जब बिना यात्रा सीजन के ही धारचूला का यह हाल है, तो आगामी आदि कैलाश यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था किस स्थिति में पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोग प्रशासन से समय रहते ठोस और दीर्घकालिक समाधान की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि क्या प्रशासन और सरकार सीमांत नगर की इस गंभीर समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हैं या फिर जनता यूं ही जाम और अव्यवस्था से जूझती रहेगी।
