- प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पर फोड़ा मंच शुद्धिकरण का ठीकरा
- मंच शुद्धिकरण संविधान और सामाजिक सौहार्द का अपमान
- कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को नरेंद्रनगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए भाजपा पर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत के नेतृत्व में कोतवाली नरेंद्रनगर पहुंचकर तहरीर दी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार हल्द्वानी में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा आयोजित हुई थी। इसके बाद 10 अगस्त को तथाकथित आचार्य द्वारा गंगाजल और मंत्रोच्चार के माध्यम से मंच का शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया। इसी को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमलावर है।
भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप
नरेंद्रनगर पहुंचे पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, नरेंद्रनगर-देवप्रयाग कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र कंडारी और नगर कांग्रेस अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य ने कहा कि मंच शुद्धिकरण की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देती हैं और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के हालिया बयान को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि मंच शुद्धिकरण की कथित घटना को उचित ठहराने वाले बयान से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने ऐसे बयानों और घटनाक्रम की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
‘ऐसी घटनाओं पर रोक जरूरी’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के बयानों और आचरण का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धर्म और जाति के आधार पर किसी व्यक्ति अथवा समुदाय के प्रति भेदभाव की भावना को बढ़ावा देना समाज के लिए घातक है।
उन्होंने कहा कि मंच शुद्धिकरण जैसे मामलों को सामान्य राजनीतिक विवाद समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगी तो सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच सकता है।
कांग्रेस ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कोतवाली में दी तहरीर, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
इसी क्रम में पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली नरेंद्रनगर में तहरीर देकर घटनाक्रम को अंजाम देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग विशेष के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, संवैधानिक मूल्यों और आपसी भाईचारे की रक्षा करना है।
इस दौरान पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, जिला अध्यक्ष उत्तम असवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र कंडारी, प्रदीप राणा, नगर अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य, ब्लॉक अध्यक्ष शीशपाल सजवाण, नवीन भंडारी, राज गौड़, दयाल सिंह रावत, राजेंद्र गुसाईं, मानवेंद्र रांगड़, श्यामलाल सैलानी, पालिका सभासद रेखा आर्य, सुनीता गुसाईं, विक्की चौहान समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
