Congress’ Parivartan Sankalp Programme in Pithoragarh descended into chaos as internal factionalism surfaced publicly. MLA Mayukh Mahar walked out amid protests and heated exchanges, prompting PCC chief Ganesh Godiyal to intervene and appeal for party unity
- कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक
- हंगामे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल हुए असहज
पिथौरागढ़@Rashtriy Vichar। विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और सत्ता में वापसी का संदेश देने निकली कांग्रेस का ‘परिवर्तन संकल्प कार्यक्रम’ मंगलवार को पिथौरागढ़ में संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के बजाय गुटबाजी का मंच बन गया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, नारेबाजी और हंगामे ने पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधायक मयूख महर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को मंच से कार्यकर्ताओं को शांत कराने और संगठन में अनुशासन बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला जिला अध्यक्ष भावना नगरकोटी के संबोधन से हुई। मंच पर आते ही उन्होंने नगर निगम चुनाव का मुद्दा उठाते हुए विधायक मयूख महर पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में पार्टी के अधिकृत कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा गया, जो कांग्रेस की सदस्य तक नहीं थीं। उनका आरोप था कि इस फैसले के कारण कांग्रेस की संभावित जीत हार में बदल गई, जबकि वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ता आज भी केवल दरी बिछाने तक सीमित हैं।
भावना नगरकोटी के तीखे तेवरों के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पंत ने उन्हें राजनीतिक मर्यादा में रहने की सलाह देते हुए भाषण समाप्त करने का प्रयास किया। इस पर उनके समर्थक भड़क गए और उन्हें अपनी बात पूरी रखने देने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। इसी दौरान पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी भी मंच पर पहुंच गए और भावना नगरकोटी को रोकने का विरोध किया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और विधायक मयूख महर के विरोध में नारेबाजी शुरू हो गई।
लगातार बढ़ते हंगामे के बीच विधायक मयूख महर कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। उनके जाने के बाद कार्यक्रम का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हस्तक्षेप करते हुए कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और सार्वजनिक मंच पर इस तरह का विवाद पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है। काफी समझाइश के बाद कार्यक्रम को जैसे-तैसे पूरा कराया गया।
कार्यक्रम से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में बुलाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना सुनियोजित थी और इससे उनके समर्थकों में गहरा आक्रोश है।
इस मौके पर धारचूला विधायक हरीश धामी, लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, आनंद रावत, राजेंद्र भट्ट, एडवोकेट रमेश कापड़ी, मनोज ओझा, पूर्व दर्जा मंत्री महेंद्र सिंह लुंठी, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, होशियार लुंठी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। लेकिन संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम अंततः कांग्रेस की गहरी गुटबाजी और आंतरिक असंतोष का खुला प्रदर्शन बनकर रह गया।
