- ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल टनल निर्माण को की गई ब्लास्टिंग से दोगी पट्टी के बल्दियाखान गांव के मकानों में आई चौड़ी दरारें, ग्रामीणों में दहशत
- ग्रामीण बोले: मुआवजा नहीं, विस्थापन चाहिए, रेलवे विकास निगम पर मामले को उलझाने का लगाया आरोप
- ग्रामीणों को RVNL ने थमाया मकान रिपेयरिंग का झुनझुना
- एसडीएम की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में ग्रामीणों को मिला आश्वासन
- गांव में जल्द भेजी जाएगी हाई पावर कमेटी
वाचस्पति रयाल@ नरेन्द्रनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे लाइन अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। टनल निर्माण में हो रही हैवी ब्लास्टिंग से पट्टी दोगी के बल्दियाखान गांव में कई मकानों में गहरी दरारें पड़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 से लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण उनके घर असुरक्षित हो चुके हैं और वे भय के साए में जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात में जब ब्लास्टिंग होती है तो मकान हिलने लगते हैं और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आते हैं। रेलवे विकास निगम द्वारा पहले मरम्मत के लिए दी गई धनराशि खर्च करने के बावजूद मकानों में दोबारा चौड़ी दरारें उभर आई हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने तीन सूत्रीय मांग रखी है, नजदीकी सुरक्षित भूमि पर विस्थापन, क्षतिग्रस्त मकानों का उचित मुआवजा और प्रत्येक प्रभावित परिवार से एक सदस्य को रोजगार। उनका कहना है कि वे रेलवे परियोजना का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन जब मकान रहने लायक नहीं बचे तो विस्थापन ही एकमात्र विकल्प है।
शनिवार को एसडीएम आशीष घिल्डियाल की अध्यक्षता में स्थानीय प्रशासन, रेलवे विकास निगम और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। ग्रामीण प्रतिनिधियों श्रीमती विमला देवी, मदन रयाल और मुकेश रयाल ने साफ कहा कि अधिकारी समस्या सुलझाने के बजाय उसे टाल रहे हैं।
एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि गांव में जल्द ही हाई पावर कमेटी भेजी जाएगी, जो मकानों को हुए नुकसान और अन्य समस्याओं की जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल बल्दियाखान के ग्रामीणों की मांग है कि जब तक ठोस समाधान नहीं होता, तब तक ब्लास्टिंग रोकी जाए। उनका कहना है कि विकास की कीमत उनके आशियाने और जान की सुरक्षा से नहीं चुकाई जानी चाहिए।
इस मौके पर तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल, रेलवे विकास निगम के डीजीएम भूपेंद्र सिंह, डिप्टी मैनेजर कुणाल सिंह, लोक निर्माण विभाग से सहायक अभियंता अश्विनी यादव, अवर अभियंता अनूप सकलानी, कानूनगो इंद्र मोहन रूपेण, लेखपाल पारेश्वर प्रसाद फोंदणी व ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व कर रहे श्रीमती विमला देवी रयाल, मदन रयाल व मुकेश रयाल आदि थे।
