नई दिल्ली। भारत और ब्राज़ील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 30 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिलवा के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद की गई। दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिज, इस्पात आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल अवसंरचना और बहुपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई।
भारत और ब्राज़ील ने अपनी साझेदारी को डिजिटल महाशक्ति और नवीकरणीय ऊर्जा महाशक्ति के बीच सहयोग बताया। प्राकृतिक संसाधनों, विनिर्माण और तकनीक में पूरक क्षमताओं के आधार पर दोनों देश मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने और दक्षिण–दक्षिण सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इन बिन्दुओं पर बनी सहमित
- दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 30 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति दी।
- 2025 में द्विपक्षीय व्यापार पहली बार 15 अरब डॉलर के पार पहुँचा।
- वित्त वर्ष 2024 में व्यापार लगभग 12.23 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2025 में 12.21 अरब डॉलर रहा।
- ब्राज़ील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
खनिज और इस्पात पर भी सहयोग
- रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के लिए समझौते (MoU) हुए।
- ब्राज़ील लौह अयस्क, नियोबियम और लिथियम का बड़ा उत्पादक है, जो भारत की बढ़ती अवसंरचना जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
- NMDC, Vale और अदानी गंगावरम पोर्ट के बीच लगभग 500 मिलियन डॉलर की लौह अयस्क मिश्रण सुविधा स्थापित करने का समझौता हुआ।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग
- रक्षा और एयरोस्पेस सहयोग
- स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के रखरखाव पर चर्चा हुई।
- ब्राज़ील की विमानन कंपनी Embraer भारत में E175 रीजनल जेट के लिए असेंबली लाइन स्थापित करने और MRO सुविधा बनाने की संभावना तलाशेगी।
स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी हुए समझौते
- ब्राज़ील की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी और भारत की CDSCO के बीच समझौता हुआ।
- कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं के संयुक्त अनुसंधान व विकास पर सहमति।
डिजिटल और MSME पर बनी सहमति
- “डिजिटल पार्टनरशिप फॉर द फ्यूचर” पर संयुक्त कार्ययोजना।
- MSME, हस्तशिल्प और तटीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर भी जोर
- वैश्विक अस्थिरता के दौर में बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर।
- अमेरिका की व्यापार नीति और टैरिफ पर चर्चा।
- दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख और वैश्विक शांति का समर्थन दोहराया।
