A one-day workshop at Shaheed Belmati Chauhan Government College highlighted the Himalayan ecosystem, climate change challenges, biodiversity and conservation efforts.
- कार्यशाला में बोले वक्ता, हिमालय की रक्षा हर भारतीय का कर्तव्य
- हिमालय संरक्षण के संकल्प के साथ ली शपथ
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। पट्टी क्वीली के पोखरी स्थित शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय में हिमालय दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को हिमालय के भौगोलिक, पर्यावरणीय और पारिस्थितिक महत्व की जानकारी दी गई। कार्यशाला के समापन पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हिमालय के संरक्षण का संकल्प लेते हुए शपथ ली।
हिमालय प्राकृतिक धरोहर के साथ भारत का प्रहरी भी: महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शशि बाला वर्मा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग की प्रभारी डॉ. नीमा भेतवाल ने किया। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने कहा कि हिमालय भारत का प्रहरी होने के साथ ही देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार तथा महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि हिमालय की रक्षा प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। इसके लिए लोगों, विशेषकर युवाओं को हिमालय की विशेषताओं और उसके महत्व की जानकारी होना जरूरी है।
जैव विविधता और आजीविका का आधार: प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि हिमालय केवल बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि जल, वन, वन्यजीव, जैव विविधता, औषधीय वनस्पतियों और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है।
ग्लेशियरों में आ रहा बदलाव चिंता का कारण: डॉ. नीमा भेतवाल ने जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र के सामने बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्लेशियरों में बदलाव, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, भूस्खलन, अतिवृष्टि, वनाग्नि, भूकंपीय गतिविधियों, अनियोजित निर्माण और पर्यटन के बढ़ते दबाव को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि हिमालय से निकलने वाली नदियां पूरे उत्तर भारत के जीवन का आधार हैं, इसलिए इसका संरक्षण पूरे देश के लिए आवश्यक है।
निबंध प्रतियोगिता का आयोजन: कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें किरन, अनीता, रितिका, कंचन और कनिका समेत कई छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रो. डीपी सिंह, सरिता देवी, डॉ. गणेश भागवत, डॉ. मुकेश सेमवाल, डॉ. बंदना सेमवाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
