- टिहरी में 2027 की सियासी बिसात तेज
- जनसंवाद के जरिए दिनेश धनै ने बढ़ाई सक्रियता
वाचस्पति रयाल @ नरेन्द्रनगर। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले टिहरी विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। पूर्व पर्यटन मंत्री व भाजपा नेता दिनेश धनै के लगातार जनसंवाद और गांव-गांव में हो रही बैठकों ने विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। धनै पिछले कई महीनों से क्षेत्र में सक्रिय होकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ विकास के मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने में जुटे हैं।
टिहरी विधानसभा को 2027 के चुनाव की संभावित हॉट सीटों में गिने जाने के पीछे उनकी बढ़ती सक्रियता को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा इस बात को लेकर भी तेज है कि आगामी चुनाव में विकास का रिकॉर्ड, स्थानीय समस्याएं और राजनीतिक नेतृत्व की सक्रियता प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
अपने पूर्व निर्धारित जनसंवाद कार्यक्रम के तहत दिनेश धनै ग्राम रतोली, पेटव और खेमड़ा पहुंचे। ग्रामीणों ने फूलमालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया तथा सड़क, रसोई गैस, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और टिहरी बांध टॉप से रात्रिकालीन आवागमन जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा के अभाव में महिलाओं को आज भी रसोई गैस के सिलेंडर सिर पर ढोने पड़ते हैं। पेयजल व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने असंतोष जताया। टिहरी बांध टॉप पर रात में वाहनों की आवाजाही पर रोक के कारण गंभीर मरीजों और प्रसूता महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा।
शिक्षा और पॉलिटेक्निक बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
जनसंवाद के दौरान बालमा से पॉलिटेक्निक कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। ग्रामीणों ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय बताते हुए स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षण संस्थानों को बनाए रखने की मांग की।
दिनेश धनै ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल घोषणाओं की राजनीति में विश्वास नहीं रखते, बल्कि काम को धरातल पर उतारने में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता का आशीर्वाद मिला तो टिहरी विधानसभा को दीर्घकालिक विकास योजनाओं की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व मंत्री ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उनके पर्यटन मंत्री रहते टिहरी विधानसभा में बड़ी संख्या में विकास योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वीकृत योजनाओं को अब तक धरातल पर क्यों नहीं उतारा जा सका।
उन्होंने टिहरी को शिक्षा का हब बनाने की बात दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। धनै ने कहा कि जनता का साथ मिला तो टिहरी विधानसभा में विकास की रफ्तार तेज की जाएगी।
विकास के मुद्दों पर मुकाबले के संकेत
टिहरी में मौजूदा विधायक किशोर उपाध्याय हैं, चूंकि अब दिनेश धनै भी भाजपा परिवार से जुड़ चुके हैं,और लंबे समय से क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाए हुए हैं। ऐसे में धनै की लगातार बढ़ती जनसक्रियता आने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से राजनीतिक मुकाबले को दिलचस्प बना रही है। स्थानीय स्तर पर दोनों नेताओं के विकास कार्यों और राजनीतिक प्रभाव की तुलना भी चर्चा का विषय बन रही है।
जनसंवाद कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप सिंह, पूर्व प्रमुख चंबा आनंदी नेगी, प्रधान मीना देवी, प्रधान रीना देवी, प्रधान रजनी गुसाईं, क्षेत्र पंचायत सदस्य सावित्री देवी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और मातृशक्ति मौजूद रही।
