- राजस्व वसूली में तेजी के निर्देश
- जुलाई तक आबकारी से 57.14 करोड़ की आय
- वाहन चालानों से 66.16 लाख वसूले
वाचस्पति रयाल @ नरेन्द्रनगर। जिले में राजस्व संग्रहण बढ़ाने और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में राजस्व संग्रहण एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति, लंबित वसूली, राजस्व वादों, खाद्यान्न व्यवस्था और वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय से राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित की जाए और लंबित राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
वाहन चेकिंग से 66.16 लाख की वसूली
वाहन चेकिंग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 तक जिले में कुल 3,857 चालान किए गए और 190 वाहन बंद किए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 66.16 लाख रुपये की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.07 प्रतिशत अधिक है।
डीएम ने परिवहन विभाग को प्रवर्तन कार्रवाई में निरंतरता बनाए रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आबकारी राजस्व में 3.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी
आबकारी विभाग की समीक्षा में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक विभाग को 57.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा 54.97 करोड़ रुपये था। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में 3.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 135 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। डीएम ने लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति में तेजी लाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
96 वाद न्यायालय में लंबित
अभियोजन की समीक्षा में बताया गया कि जुलाई 2026 तक विभिन्न अधिनियमों से संबंधित 96 वाद न्यायालय में लंबित हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के 63, आयुध अधिनियम के 12, एनडीपीएस अधिनियम के 12, आईटी अधिनियम के छह, विदेशी अधिनियम के दो और कॉपीराइट अधिनियम का एक वाद शामिल है।
जिलाधिकारी ने लंबित वादों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजस्व वादों पर प्राथमिकता से कार्रवाई
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने धारा 34, धारा 33/39, धारा 176, धारा 143, धारा 229(बी) और धारा 209 के तहत लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने विवादित मामलों की अलग सूची तैयार कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्री से संबंधित लंबित मामलों में भी तेजी लाने तथा फौजदारी मामलों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
त्योहारी सीजन में खाद्य जांच तेज होगी
त्योहारी सीजन को देखते हुए डीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जिले में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
खाद्य आपूर्ति की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर माह के राशन का उठान शुरू हो चुका है और जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। डीएम ने राशन कार्डों के सत्यापन की प्रगति की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसडीएम कमलेश मेहता, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, प्रतापनगर व घनसाली की एसडीएम मंजू राजपूत, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील बडोनी, एआरटीओ राजेंद्र विराटिया, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत, तहसीलदार टिहरी धीरज राणा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
