Tributes Paid to Amar Shaheed Shri Dev Suman on His 82nd Martyrdom Day in Narendranagar and Pokhari
- अमर शहीद श्रीदेव सुमन को श्रद्धांजलि
- बलिदान दिवस पर गूंजा उनके संघर्ष और त्याग का संदेश
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर/पोखरी। टिहरी रियासत की दमनकारी व्यवस्था के विरुद्ध आजीवन संघर्ष कर प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद श्रीदेव सुमन के 82वें बलिदान दिवस पर नरेंद्रनगर और राजकीय महाविद्यालय पोखरी में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति को किया याद: नरेंद्रनगर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रीदेव सुमन के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य ने कहा कि श्रीदेव सुमन का बलिदान उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है और उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सुमन ने लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को उनके जीवन और विचारों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
इस कार्यक्रम में अध्यक्ष व्यापार मंडल जितेंद्र चांदपुरी,मनवीर सिंह नेगी,कोमल दास,मानवेंद्र रांगड़, जयपाल सिंह नेगी,वरिष्ठ पत्रकार वाचस्पति रयाल,राजेंद्र गुसाईं, आयुष बेलवाल,सेवक राम, अरविंद रावत, प्रियांशु कैंतुरा आदि उपस्थित थे।
पोखरी में संगोष्ठी का आयोजन: उधर राजकीय महाविद्यालय पोखरी में प्राचार्य डॉ. शशि बाला वर्मा के निर्देशन में अर्थशास्त्र विभाग द्वारा संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीदेव सुमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

जन अधिकारों के प्रतीक रहे सुमन: अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष सरिता देवी ने श्रीदेव सुमन के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की। प्रो. डी.पी. सिंह, डॉ. नीमा भेतवाल और डॉ. वंदना सेमवाल ने कहा कि श्रीदेव सुमन केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनअधिकारों के महान प्रतीक थे। उन्होंने टिहरी राजशाही के अत्याचारों के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष कर जनता को नई चेतना दी। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और गणमान्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस मौके पर डॉक्टर गणेश भागवत, डॉक्टर मुकेश सेमवाल, श्रीमती रेखा नेगी, अंकित, अजय, नरेश, सुनीता व राजेंद्र सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
