Bagajala Residents Demand Land Rights and Revenue Village Status, Announce Protest in Haldwani
- राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग तेज
- 25 जुलाई को हल्द्वानी में धरना-प्रदर्शन का ऐलान
- बिंदुखत्ता, बापू ग्राम और बग्गा चौवन की तर्ज पर राज्य सरकार के प्रस्ताव में शामिल करने की मांग
हल्द्वानी@Rashtriy Vichar। अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला की बैठक में वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक और राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मांग की गई कि बागजाला समेत सभी वन भूमि वासियों को बिंदुखत्ता, बापू ग्राम और बग्गा चौवन की तर्ज पर राज्य सरकार के प्रस्ताव में शामिल किया जाए और विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से जल्द अनापत्ति प्राप्त की जाए।
स्थानीय विधायक पर भेदभाव का लगाया आरोप: भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडेय ने भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक पर बागजाला वासियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनहित को लेकर गंभीर है तो लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के बागजाला, सुल्ताननगरी, दानी बंगर, प्रतापपुर समेत सभी वन खत्तों और आबादी वाले क्षेत्रों को राजस्व गांव बनाने का प्रस्ताव पारित करे।
प्रस्ताव से बाहर रखना अन्याय: किसान महासभा बागजाला की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि दशकों से बसे बागजाला गांव को सरकारी प्रस्ताव से बाहर रखना अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि वन भूमि वासियों को प्रस्ताव में शामिल करने की मांग को लेकर 25 जुलाई को हल्द्वानी के बुध पार्क में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
आयोजित बैठक में भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय, अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला की अध्यक्ष डॉ उर्मिला रैस्वाल, उपाध्यक्ष विमला देवी, पूर्व प्रधानाचार्य प्रेमसिह नयाल, दीवान सिंह बर्गली, सोहन लाल आर्य, मो सुलेमान मलिक, ललिता देवी, रेशमा, हरक सिंह बिष्ट, दौलतसिंह, चंदन सिंह मटियाली, हनीफ, प्रताप सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में वनवासी शामिल रहे।
