- दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग
- मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक भी शामिल
- 40 से अधिक लोगों को बचाया गया,होटल मालिक गिरफ्तार
- पुलिस के जवान भी हुए घायल
- धुएं ने बंद कर दिए बच निकलने के रास्ते
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक होटल में लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। फ्लोरिश स्टे बीएंडबी नामक होटल और होम-स्टे परिसर में लगी आग देखते ही देखते मौत के तांडव में बदल गई। हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। वहीं 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

सुबह करीब 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और रेलिंग तक पहुंच गए। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी।
बताया गया है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट संचालित था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर फ्लोरिश स्टे बीएंडबी के नाम से होटल और होम-स्टे चलाया जा रहा था। भवन में करीब 25 कमरे बने हुए थे, जहां भारतीयों के साथ विदेशी मेहमान भी ठहरे हुए थे।
दमकल और राहत टीमों के पहुंचने से पहले आसपास के लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। एक गद्दा विक्रेता ने जमीन पर गद्दे बिछाकर इमारत से कूदने वालों की जान बचाने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोगों ने घायलों को सीपीआर देकर मदद पहुंचाई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। करीब 10 दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। बचाव दलों ने धुएं से भरी इमारत में घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लोगों को बचाने के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हो गए। इनमें पांच कांस्टेबल और पांच हेड कांस्टेबल शामिल हैं। सभी को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। होटल के मालिक लोकेश बजाज और उसके तीन साझेदारों की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से सभी के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी थी या नहीं तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
उधर, हादसे की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल ने शाम को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें अग्नि सुरक्षा, होटल संचालन नियमों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। भवन के चारों ओर निर्माण होने के कारण वैकल्पिक निकासी मार्ग उपलब्ध नहीं था। आग फैलते ही घना धुआं कमरों में भर गया और लोग अंदर ही फंस गए। कई लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की।
