Roorkee Shopkeeper Loses Rs 1.5 Lakh in Cyber Fraud Without OTP or Phone Call
रुड़की@Rashtriy Vichar#।
साइबर ठग लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं और अब उन्होंने बैंक खातों से रकम उड़ाने का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसमें न कोई ओटीपी आता है और न ही किसी कॉल के जरिए जानकारी मांगी जाती है। रुड़की में एक दुकानदार के खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम गायब होने का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी आशीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले अपने खाते में करीब साढ़े तीन लाख रुपये जमा किए थे। 16 मई को बैंक पहुंचकर खाते की जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार रकम डिजिटल माध्यम से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जबकि कुछ राशि का इस्तेमाल कूपन खरीदने में किया गया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित के पास न तो कोई संदिग्ध कॉल आई और न ही उन्होंने किसी के साथ बैंकिंग जानकारी साझा की।
पीड़ित ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। एसएसआई दीप कुमार ने बताया कि मामले में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही जांच के लिए प्रकरण साइबर सेल को भी भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि रुड़की में पिछले एक माह के दौरान साइबर ठगी के दस से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन इसके बावजूद साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या डिजिटल गतिविधि को हल्के में न लें और बैंकिंग सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतें।
साइबर ठगी से बचने के 5 जरूरी उपाय
- बैंक खाते में मोबाइल नंबर और ईमेल हमेशा अपडेट रखें
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- नेट बैंकिंग और यूपीआई का पासवर्ड समय-समय पर बदलें
- खाते की ट्रांजेक्शन अलर्ट सेवा सक्रिय रखें
- संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें
