Two Young Men Die of Suspected Heart Attacks in Dharchula, Doctors Warn of High-Altitude Risks
- धारचूला में संदिग्ध हार्ट अटैक से दो लोगों की मौत, बीआरओ मजदूर ने रास्ते में तोड़ा दम
- हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा?
नदीम परवेज@धारचूला। सीमांत क्षेत्र धारचूला में संदिग्ध हार्ट अटैक से दो लोगों की मौत होने के बाद इलाके में चिंता का माहौल बन गया है। इनमें एक युवक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में कार्यरत मजदूर था, जबकि दूसरा स्थानीय निवासी बताया जा रहा है। दोनों को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार झारखंड के दुमका निवासी 28 वर्षीय कालीस्वर हसदां पुत्र मोतीलाल हसदां जौलिंगकोंग क्षेत्र में बीआरओ के कार्य में लगा हुआ था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। हालत गंभीर होने पर साथियों द्वारा उसे उपचार के लिए धारचूला अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
धारचूला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों के अनुसार युवक को अस्पताल पहुंचाने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। डॉक्टर राजेंद्र गुंज्याल ने बताया कि रात्रि ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर चेतन द्वारा मरीज की जांच की गई, जिसमें उसे “ब्रॉट डेड” घोषित किया गया। चिकित्सकों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
थाना प्रभारी धारचूला हरेन्द्र नेगी ने बताया कि पुलिस द्वारा पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद परिजन शव को झारखंड के दुमका ले जाएंगे।
इसी बीच बीती रात एक अन्य घटना में 34 वर्षीय लोकेश वर्मा पुत्र रमेश लाल वर्मा निवासी खड़ीगली की भी संदिग्ध हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार लोकेश को अचानक सीने में दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।
मृतक के भाई ललित वर्मा ने बताया कि लोकेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और कुछ ही समय में उनकी हालत गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर चेतन ने बताया कि दोनों ही मामलों में मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस दोनों मामलों में प्रारंभिक जांच, पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर रही है।
हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित दिनचर्या और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों व स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और समय पर चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
