- ऋषिकेश में राजस्थानियों ने संस्कृति और एकता का दिया संदेश
- राजस्थान सेवा समिति के बैनर तले आशीर्वाद वाटिका में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
- जैसलमेर से आए कलाकारों ने दी सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति
- राजस्थानी रंग में रंगा प्रवासी समाज, ऋषिकेश में महसूस की अपनी मिट्टी की खुशबू
ऋषिकेश@राष्ट्रीय विचार। तेजी से बदलती जीवनशैली और शहरों की भागदौड़ के बीच अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अनोखी मिसाल पेश करते हुए राजस्थान मूल के प्रवासियों ने तीर्थनगरी ऋषिकेश में राजस्थान दिवस को भव्य और भावनात्मक अंदाज में मनाया। राजस्थान सेवा समिति के बैनर तले आशीर्वाद वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी परिवारों ने हिस्सा लेकर अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रवासी समाज के लिए अपनी मातृभूमि से भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त करने का माध्यम बना। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी में राजस्थान की लोकसंस्कृति और परंपराओं के प्रति गर्व साफ झलक रहा था।

समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार राव ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और प्रवासी समाज में एकता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में प्रेमचंद अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राजस्थान मूल के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि प्रवासी समाज जिस तरह अपनी संस्कृति को सहेज कर रख रहा है, वह अन्य समुदायों के लिए भी प्रेरणादायक है।
इस मौके पर एम्स ऋषिकेश, हरिद्वार, सिडकुल और देहरादून में रहने वाले राजस्थान के प्रवासियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में प्रस्तुत सांस्कृतिक झलकियों ने राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को ऋषिकेश तक महसूस कराया।
फोक डांसर्स और Aaftab Langa Manganiyar Group की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह राजस्थानी रंग में रंग दिया। पारंपरिक संगीत और नृत्य के जरिए प्रवासी समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे चाहे जहां भी रहें, अपनी संस्कृति, परंपरा और जड़ों से जुड़े रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों तक इसे पहुंचाएंगे।
