- स्वतंत्र जांच संस्था ट्रस्टिफाइड की एक रिपोर्ट ने भारत में बिकने वाले प्रमुख दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
- जांच में दावा: कुछ नमूनों में सूक्ष्मजीवों का स्तर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया।
- Amul ने इन आरोपों को किया खारिज
- देशभर में खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई तेज
नई दिल्ली। स्वतंत्र प्रयोगशाला परीक्षण संस्था ट्रस्टिफाइड की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Amul, Mother Dairy और Country Delight जैसे प्रमुख ब्रांडों के दूध के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच में टोटल प्लेट काउंट (TPC) और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के स्तर की जांच की गई, जो दूध की स्वच्छता और सूक्ष्मजीवीय गुणवत्ता के महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ नमूनों में इनका स्तर FSSAI द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि मदर डेयरी के गाय के दूध में TPC 2,40,000 CFU/ml पाया गया, जो निर्धारित सीमा 30,000 CFU/ml से लगभग आठ गुना अधिक है। कंट्री डिलाइट के गाय के दूध में TPC 60,000 CFU/ml दर्ज किया गया, जो तय सीमा से दोगुना है। वहीं, अमूल ताजा और अमूल गोल्ड में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा भी निर्धारित सीमा से अधिक बताई गई।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अमूल मस्ती दही में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और फफूंद का स्तर काफी अधिक पाया गया। इसके अलावा Eggoz Nutrition India द्वारा बेचे जाने वाले अंडों में AOZ नामक प्रतिबंधित दवा अवशेष के अंश मिलने का भी दावा किया गया है।
अमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके उत्पाद FSSAI मानकों का पालन करते हैं। फिलहाल, नियामक संस्था की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह रिपोर्ट सामने आने के बाद देशभर में खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
