- भिक्षावृत्ति से बेहतर भविष्य की ओर: देहरादून का इंटेंसिव केयर सेंटर बना मासूमों की नई उम्मीद
- इंटेंसिव केयर सेंटर बना नई ज़िंदगी की पाठशाला
- डीएम सविन बंसल की पहल से भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्त हुआ बचपन
- अब किताबों, खेल और सपनों से सज रहा भविष्य
देहरादून@रा.वि.। कभी ट्रैफिक सिग्नलों और बाजारों में भटकता, भिक्षावृत्ति और बालश्रम में उलझा मासूम बचपन आज शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर नई उड़ान भर रहा है। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) इन बच्चों के जीवन में आशा, सुरक्षा और अवसरों का नया अध्याय लिख रहा है।
जहां कभी मायूसी और असुरक्षा थी, वहां अब रंगों की खुशियां, खेल का उत्साह और सपनों की चमक दिखाई दे रही है। यह सेंटर केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला सशक्त मंच बन चुका है। देहरादून जिला प्रशासन की यह पहल समाज के सहयोग से लगातार सशक्त हो रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।
यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बदले हुए भविष्य की ठोस शुरुआत है, जहां हर बचपन को अवसर, सुरक्षा और सपनों की उड़ान मिले।
174 से अधिक बच्चों को मिली नई राह
जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत अब तक 174 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल किया जा चुका है। निरंतर चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से चिन्हित बच्चों को सुरक्षित वातावरण में लाकर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण, मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
हारिश की कहानी बनी बदलाव की मिसाल
इन सफलताओं के बीच रेस्क्यू किए गए हारिश की कहानी विशेष प्रेरणा देती है। मई 2025 में ICC से जुड़ने से पहले वह किसी भी विद्यालय में नामांकित नहीं था। औपचारिक शिक्षा का भी उसे कोई अनुभव नहीं था। लेकिन अगस्त 2025 में उसे कक्षा 6 में साधुराम इंटर कॉलेज में मुख्यधारा में प्रवेश दिलाया गया। आज हारिश नियमित रूप से विद्यालय जाता है, खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है और अपने उत्साह व प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है। उसका आत्मविश्वास इस पहल की सफलता का जीवंत उदाहरण है।
शिक्षा के साथ हो रहा सर्वांगीण विकास
जिलाधिकारी के निर्देशन में विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों को औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। सेंटर में संगीत, योग, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह पहल केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मसम्मान और सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत कर रही है।
त्योहारों में लौट आई बच्चों के चेहरे की मुस्कान
हाल ही में सेंटर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक होली का पर्व मनाया। रंगों में सराबोर उनकी खिलखिलाहट यह संदेश दे रही थी कि अब यह बचपन उपेक्षा का नहीं, बल्कि अवसरों और उम्मीदों का प्रतीक है। तीज-त्योहारों में सक्रिय भागीदारी से बच्चों में सामाजिक आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना विकसित हो रही है।
हर बच्चे को मिले सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन:डीएम बंसल
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।
आज जो बच्चे कभी सड़कों पर असुरक्षित थे, वही अब विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं, खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं और सांस्कृतिक मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
