- अतिरिक्त शुल्क के आरोपों पर कार्रवाई की मांग
- रसोई गैस वितरण व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
- जनप्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नदीम परवेज@धारचूला,रा.वि.।
सीमांत क्षेत्र धारचूला में रसोई गैस की होम डिलीवरी को लेकर लंबे समय से चली आ रही शिकायतों ने अब तूल पकड़ लिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं को सिलेंडर स्वयं एजेंसी से लाना पड़ता है। इससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर प्रकाश गुजियाल , अध्यक्ष रं कल्याण संस्था ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल छापेमारी कर देना समाधान नहीं है, बल्कि पूरी वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को सही सुविधा मिल सके।
वहीं भूपेंद्र थापा, अध्यक्ष व्यापार संघ ने कहा कि धारचूला एक संवेदनशील सीमांत क्षेत्र है, जहां ITBP, Indian Army और SSB जैसे सुरक्षा बल तैनात रहते हैं। ऐसे में क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों के लिए भी गैस की सुचारू आपूर्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए गैस वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जाना चाहिए।
इस संबंध में मंजुला बुदियाल , ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कालाबाजारी या अन्य अनियमितताओं की शिकायतों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि गैस वितरण व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि सीमांत क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
