- ‘गैरसैंण बने राजधानी’ के नारे के साथ उक्रांद का आंदोलन तेज करने का ऐलान
- केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर बोले,स्थाई राजधानी के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं
वाचस्पति रयाल @ नरेंद्रनगर,रा.वि.।
उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने नरेंद्रनगर शहर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।

(फोटो परिचय: गैरसैंण स्थाई राजधानी की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते उक्रांद के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर व अन्य कार्यकर्ता)
यूकेडी के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील परिसर तक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाओ” जैसे नारों के साथ राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
तहसील परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सरदार सिंह पुंडीर ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का जन्म ही पृथक उत्तराखंड राज्य की स्थापना के उद्देश्य से हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने यूकेडी के साथ मिलकर लंबे संघर्ष के बाद अलग राज्य की लड़ाई लड़ी और आंदोलन के दौरान 42 आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की शहादत और जनता की भावनाओं के कारण ही केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ। लेकिन राज्य बनने के इतने वर्षों बाद भी गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अब तक सत्तासीन रही भाजपा और कांग्रेस की सरकारें एक सुनियोजित रणनीति के तहत गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करना चाहतीं। उन्होंने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड का भौगोलिक और भावनात्मक केंद्र है और राज्य के समग्र विकास के लिए राजधानी का पहाड़ के मध्य में होना आवश्यक है।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक गैरसैंण(भराड़ीसैंण ) को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक यूकेडी जनता के साथ मिलकर आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो दल प्रदेशभर में उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन में महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित किया जाए।
उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान वीर चंद्र रमोला, रेशमा पैन्यूली, विजय लक्ष्मी बलोदी, शूरवीर जेठुड़ी, करण सिंह बर्थवाल, महिपाल बिष्ट, शोभा चंदोला, विनोद दवांण, प्रदीप जेठूड़ी, गजेंद्र जेठूड़ी, नरेंद्र, सूरज सिंह और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
