- भारतीय सेना ने शुरू किया ‘रंग पुस्तकालय’ का नवीनीकरण
- युवाओं को मिलेंगे बेहतर शैक्षणिक संसाधन
नदीम परवेज@धारचूला,रा.वि.।
सीमांत क्षेत्र में शिक्षा और ज्ञान के प्रसार को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय सेना की पंचशूल ब्रिगेड ने ऐतिहासिक रंग पुस्तकालय के नवीनीकरण की पहल शुरू की है। सोमवार को पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर गौतम पठानिया ने इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करना और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सीमांत इलाकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराना भारतीय सेना की प्राथमिकताओं में शामिल है। रंग पुस्तकालय के नवीनीकरण से न केवल स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा, बल्कि ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं भी खुलेंगी।

कुमाऊँ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा यह पुस्तकालय लंबे समय से स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन और ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। वर्षों से यहां कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन करते रहे हैं। हालांकि समय के साथ पुस्तकालय की संरचना और सुविधाओं के आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए भारतीय सेना ने इसके नवीनीकरण का जिम्मा उठाया।

नवीनीकरण के बाद पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें बेहतर बैठने की व्यवस्था, नई पुस्तकों की उपलब्धता, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन विकसित किए जाएंगे। इससे सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर अध्ययन माहौल मिलेगा और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ेगी।
भारतीय सेना की यह पहल केवल आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना और युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। यह कदम सेना और स्थानीय समाज के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूत करेगा।
पंचशूल ब्रिगेड द्वारा उठाया गया यह कदम भारतीय सेना की “राष्ट्र निर्माण में सहभागिता” की भावना को भी दर्शाता है, जिसके तहत सेना सीमांत क्षेत्रों में सामाजिक और शैक्षणिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इस अवसर पर रंग संस्था के अध्यक्ष प्रकाश गुजियाल , राजेंद्र नेगी, महीमन हयाकी, कृष्णा गर्बियाल, किशोर सिरखाल, आभा फकलियाल, भूपेंद्र थापा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
