- राहगीरों को राहत: बाजार लाइन में पालिका ने खींची सीमांकन रेखा
- दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश
वाचस्पति रयाल@नरेंद्रनगर। नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में बरामदों पर बढ़ते अतिक्रमण से आम नागरिकों और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कई दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के आगे बरामदे के बड़े हिस्से में सामान फैलाकर कब्जा कर लेने के कारण लोगों को आने-जाने और खरीदारी करने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
मामले का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एलम सिंह रावत के निर्देश पर बाजार लाइन के बरामदों में सीमांकन रेखा खिंचवा दी गई है। इस व्यवस्था के तहत अब दुकानदार अपनी दुकान से केवल ढाई फीट तक ही बरामदे का उपयोग सामान रखने के लिए कर सकेंगे। इसके आगे सामान फैलाने पर रोक लगा दी गई है।
अधिशासी अधिकारी एलम सिंह रावत ने बताया कि इस संबंध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से भी सहयोग मांगा गया है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपने सभी सदस्यों को जनहित को ध्यान में रखते हुए इस नियम का पालन करने के लिए जागरूक करें, ताकि बाजार में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि नगरवासियों की शिकायतों के आधार पर पहले भी बरामदों में ढाई फीट की सीमांकन रेखा खींची गई थी, लेकिन समय के साथ कुछ दुकानदारों ने फिर से बरामदों पर सामान फैलाना शुरू कर दिया था। अब दोबारा सीमांकन कर स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित सीमा से आगे अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पालिका प्रशासन के इस कदम का नगर में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे बाजार में पैदल चलने वालों और खरीदारी करने आने वाले उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि ऐतिहासिक नगर नरेंद्रनगर को महाराजा नरेंद्र शाह ने बसाया था। उस समय बाजार लाइन के बरामदों का निर्माण खासतौर पर इस उद्देश्य से किया गया था कि नागरिकों को पैदल चलने और खरीदारी करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। पालिका का यह कदम उसी मूल व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
