- पानी की बौछारें भी नहीं रोक सकीं प्रदर्शनकारियों को, बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े कार्यकर्ता
गैरसैंण@रा.वि.। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग एक बार फिर सड़कों पर गूंज उठी। बजट सत्र के दौरान सोमवार को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारों का सहारा लेना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने के बजाय वहीं धरने पर डटे रहे।

युवा उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े। पुलिस ने दिवालीखाल के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने सरकार पर गैरसैंण की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश होने के बावजूद यहां के युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई।
युवा उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि पहाड़ के साथ सौतेला व्यवहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार पहाड़ के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही।
दल के केंद्रीय महामंत्री बृज मोहन सजवाण ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट सत्र को केवल खानापूर्ति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पूरे पांच दिन तक चलाया जाए। उन्होंने गैरसैंण को तुरंत स्थायी राजधानी घोषित करने, प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू करने और मूल निवास की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इस बीच विधानसभा कूच के दौरान उक्रांद के चमोली जिलाध्यक्ष यधवीर नेगी सहित तीन कार्यकर्ता जंगल के रास्ते अचानक विधानसभा के नजदीक पहुंच गए, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। कुछ प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस की गाड़ियों के नीचे भी घुस गए, जिससे मौके पर कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन में नारायण सिंह बिष्ट, यशवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, कुलदीप रावत, अर्जुन रावत, पान सिंह रावत, आशुतोष भंडारी, सुमित्रा चमोला, पृथ्वी सिंह नेगी, हेमा गड़िया, विराट नेगी, शुभम कैत्युरा, दर्शन सिंह, प्रताप सिंह, सूरत सिंह झिंकवान, पूजा शर्मा, सर्वेश्वर प्रसाद पुरोहित, विपिन अन्थवाल, धीरज गोसाई, अर्जुन नेगी, सुबोध बिष्ट और पंकज पुरोहित सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
