Uttarakhand’s PMKSY drip irrigation scheme faces allegations of irregularities despite over ₹400 crore spent, prompting inquiries in several districts.
- पीएमकेएसवाई की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना सवालों के घेरे में
- पौड़ी,रूद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में ड्रिप सिस्टम की जगह मिले पाइपों के अवशेष
- आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने आरटीआई में मांगे दस्तावेज, तो मिली अनियमितताएं
देहरादून@Rashtriya Vichar। राज्य में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने और कम पानी में अधिक उत्पादन का लक्ष्य लेकर शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (पीडीएमसी) योजना सवालों के घेरे में आ गई है। योजना पर प्रदेश में करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद कई जिलों में किसानों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। कई स्थानों पर लाखों-करोड़ों की लागत से लगाए गए ड्रिप सिंचाई सिस्टम अनुपयोगी पड़े होने की जानकारी सामने आई है। आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने आरटीआई दस्तावेजों के आधार पर योजना में गंभीर अनियमितताओं का दावा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को शिकायत भेजी है। देहरादून में शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
आरटीआई से सामने आए दस्तावेजों और थर्ड पार्टी मूल्यांकन में पौड़ी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठे हैं। पौड़ी में कुछ खेतों में ड्रिप सिस्टम की जगह केवल पाइप के अवशेष मिलने और कई मामलों में प्रणाली की विधिवत स्थापना नहीं होने की बात सामने आई। रुद्रप्रयाग में किसानों ने सामग्री मिलने के बावजूद स्थापना, परीक्षण और संचालन का प्रशिक्षण नहीं दिए जाने की जानकारी दी।
पिथौरागढ़ में भी किसानों को पाइप, फिल्टर और ड्रिपर तो उपलब्ध कराए गए, लेकिन सिस्टम की स्थापना और प्रशिक्षण के अभाव में कई लाभार्थी इसका इस्तेमाल नहीं कर सके।
वहीं, चार्टर्ड अकाउंटेंट की ऑडिट रिपोर्ट में लाभार्थी सत्यापन, दस्तावेजों के रखरखाव, निरीक्षण, निगरानी और दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी कमियां सामने आने का दावा किया गया है। शिकायत के बाद कई जिलों में जांच अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
