Narendranagar will develop a Government Integrated Institute of Engineering and Technology with 90 B.Tech seats in Computer Science and Artificial Intelligence, following efforts by Minister Subodh Uniyal.
- सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की पहल ला रही रंग
- नरेंद्रनगर में इसी सत्र से B.Tech की पढ़ाई,
- 90 सीटों के साथ तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर/देहरादून। नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में उच्च तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल के प्रयासों से नरेंद्रनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक को गवर्नमेंट इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नरेंद्रनगर के रूप में विकसित किया जाएगा। संस्थान में इसी शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने 21 अगस्त को शासनादेश जारी कर दिया है।
सुबोध ने हमेश नरेन्द्रनगर को दी तवज्जो: मंत्री सुबोध उनियाल लंबे समय से नरेंद्रनगर को उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते रहे हैं। उनके प्रयासों से अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होने जा रही है। संस्थान में पहले चरण में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की 60 और बीटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की 30 सीटें, यानी कुल 90 सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित है।
18 फैकल्टी पदों काे भी दी मंजूरी: तकनीकी शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए शासन ने 18 शिक्षण पदों को भी मंजूरी दी है। इनमें दो प्रोफेसर, चार एसोसिएट प्रोफेसर और 12 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। इसके अलावा छह गैर-शिक्षण पद भी स्वीकृत किए गए हैं। संस्थान में आवश्यक भवन, कक्ष, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित की जाएंगी। प्रथम चरण के आधारभूत ढांचे का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
युवाओं को मिलेगी बेहतर शिक्षा: सुबोध उनियाल ने कहा कि नरेंद्रनगर को शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख भी कम करना पड़ेगा।
AICTE की स्वीकृति के बाद शुरू होगा शैक्षणिक सत्र: शासनादेश के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया AICTE की स्वीकृति तथा विश्वविद्यालय की अनुमति के बाद संबंधित शैक्षणिक सत्र के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होगी। मंत्री की इस पहल को नरेंद्रनगर में शिक्षा के विस्तार और युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
