First Monsoon Rain Exposes Alleged Irregularities in Narendra Nagar Sewer Project
- कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन,
- सीवर निर्माण में अनियमितता, पेड़ों के कटान और कुमारखेड़ा में भूधंसाव की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। सावन की पहली ही बारिश ने नरेंद्रनगर में करोड़ों रुपये की सीवर लाइन परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में बिछाई गई सीवर लाइन के कई चैंबर पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि निर्माण के बाद किया गया पैचवर्क और डामरीकरण भी जगह-जगह उखड़ने लगा है। इससे सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व पालिका उपाध्यक्ष राजेंद्र गुसाईं, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा और रजनी देवी सहित कई लोग शामिल रहे।
निमार्ण में व्यापक अनियमितता: ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जल निगम (मुनि की रेती) की देखरेख में सीवर लाइन निर्माण में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं। निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में सागवान के पेड़ों का कटान किया गया, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा। साथ ही परियोजना से जुड़ी तकनीकी और वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए।
सरकारी धन के अवव्यय पर उठाए सवाल: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन का डिजाइन भी तकनीकी दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। उनका कहना है कि पाइपलाइन को पहले अत्यधिक ढलान पर नीचे ले जाकर बाद में पंपिंग के जरिए ऊपर उठाया गया है, जिससे योजना की उपयोगिता और सरकारी धन के व्यय पर सवाल खड़े होते हैं।
सिंकिंग जोन के रूप में चिन्हित है कुमारखेड़ा : ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सीवर निर्माण के कारण कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं। सिंकिंग जोन के रूप में चिन्हित कुमारखेड़ा क्षेत्र में कई मकानों में दरारें पड़ने और भवनों के खिसकने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि बरसात के दौरान भूधंसाव और पहाड़ी से बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे जान-माल की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।
दोषियों के विरूद्व कार्रवाई की मांग: प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, प्रभावित परिवारों को मुआवजा तथा कुमारखेड़ा बस्ती की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मिला आश्वासन: इस पर उपजिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही भू-वैज्ञानिकों की टीम से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों की सुरक्षा और समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष राजेंद्र गुसाईं,पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राणा, पालिका सभासद रवि नेगी,सुनीता गुसाईं, रजनी देवी, बबली देवी, गुड्डी, सुमन देवी, मानवेन्द्र रांगड़, खेमकरण, जगतम, रघुवीर भंडारी, जयपाल नेगी, मनीष आदि उपस्थित थे।
