Uttarakhand Pensioners Warn of Statewide Protest Over Golden Card Crisis and Unpaid Hospital Dues
- मांगें नहीं मानीं तो सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा पेंशनर्स संगठन
वाचस्पति रयाल@ नरेन्द्रनगर। उत्तराखंड राजकीय पेंशनर्स संगठन ने प्रदेश सरकार पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की घोर उपेक्षा और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा। संगठन का कहना है कि जिस गोल्डन कार्ड योजना को पेंशनरों के बेहतर स्वास्थ्य उपचार के लिए लागू किया गया था, वही आज उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।
देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित संगठन भवन में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से हर महीने गोल्डन कार्ड के नाम पर अंशदान काटा जा रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर पेंशनरों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही। इसे उन्होंने सरकार की गंभीर विफलता बताया।
सूचिबद्ध अस्पतालों का करोड़ों बकाया: उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों का करोड़ों रुपये का बकाया वर्षों से नहीं चुकाने के कारण हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, कैलाश अस्पताल, ग्राफिक एरा अस्पताल समेत कई सूचीबद्ध अस्पताल पेंशनरों का इलाज करने से हाथ खड़े कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा खामियाजा बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और असहाय पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। समय पर इलाज नहीं मिलने से कई पेंशनर जान गंवा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
बैठक में संगठन ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं। इनमें सूचीबद्ध अस्पतालों का लंबित भुगतान तत्काल जारी करने, 10 अक्टूबर 2025 के बाद लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का शीघ्र निस्तारण करने, प्रत्येक सूचीबद्ध अस्पताल में गोल्डन कार्ड योजना की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति, योजना से वंचित करीब 35 हजार पेंशनरों को गोल्डन कार्ड से जोड़ने तथा संगठन को मजबूत करने के लिए विकासखंड और पट्टी स्तर तक शाखाओं का गठन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई 2026 को प्रातः 10:30 बजे संघ भवन में संगठन के दिवंगत पदाधिकारियों एवं सदस्यों की स्मृति में स्नेहिल स्मृति दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक सदस्यों से भागीदारी की अपील की गई।
बैठक के अंत में संगठन ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव चंद्र प्रकाश ने किया।
बैठक में आर०एस०परिहार, कुसुम शर्मा, एम.एस.गुसाईं, मोहनसिंह रावत,चंद्र मोहन उनियाल,जबर सिंह पंवार,हृदय राम सेमवाल, खुशीराम कुकरेती, जगदीश प्रसाद रतूड़ी,राजेन्द्र सिंह गुसाईं,सतीश चन्द्र,प्रेमचंद बचनी रावत, वी.पी.कण्डवाल भगत सिंह पुण्डीर, उमेशचन्द्र डोभाल, वीपी सकलानी, सौकार सिंह असवाल,ओ.पी. जुझेलिया, विजयसिंह रावत, आर०कुल श्रेष्ठ,सैयदराहत अली, मनोहर लाल सड़ाना,रवींद्र आर्य व वी.के.राजपूत आदि बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
