Uttarakhand Revises Commercial LPG Policy, Quota Increased to 66%
देहरादून@ Rashtriy Vichar। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूर्व निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन कर नई व्यवस्था लागू कर दी है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने के प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी के लिए अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा पहले ही 20 प्रतिशत कोटा दिया जा चुका है। इस प्रकार पहले के 40 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर अब कुल 66 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को नियमित रूप से आपूर्ति की जानकारी दी जाएगी और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।नई व्यवस्था से राज्य में एलपीजी वितरण अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी होने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
विभिन्न क्षेत्रों के लिए निर्धारित कोटाsop
संशोधित एसओपी के तहत विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के लिए दैनिक आवश्यकता तय की गई है—
- होटल एवं रिजॉर्ट: 1500 सिलेंडर (24%)
- रेस्टोरेंट एवं ढाबे: 2000 सिलेंडर (32%)
- सरकारी गेस्ट हाउस: 300 सिलेंडर (5%)
- डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, पीजी हॉस्टल, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह: 200-200 सिलेंडर (प्रत्येक 3%)
- विवाह समारोह: 660 सिलेंडर (10%)
- औद्योगिक क्षेत्र: 1250 सिलेंडर (20%)
इस प्रकार कुल 6310 सिलेंडरों का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया गया है।
जिलों के अनुसार आवंटन
गैस कनेक्शनों की संख्या के आधार पर जिलावार कोटा भी तय किया गया है—
- देहरादून: 31% (सर्वाधिक)
- हरिद्वार एवं नैनीताल: 13-13%
- उधमसिंह नगर: 9%
- चमोली: 6%
- रुद्रप्रयाग: 5%
- टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा: 4-4%
- पिथौरागढ़: 3%
- बागेश्वर एवं चम्पावत: 2-2%
विवाह समारोह के लिए विशेष प्रावधान
विवाह समारोहों के लिए अधिकतम 2 व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर की सीमा निर्धारित की गई है। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
660 सिलेंडरों के विवाह कोटे में—
- देहरादून और नैनीताल: 176-176 सिलेंडर
- हरिद्वार और उधमसिंह नगर: 64-64 सिलेंडर
- अन्य जिलों को 18 से 24 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटन
औद्योगिक उपयोग हेतु निर्धारित 1250 सिलेंडरों में—
- देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर: 380-380 सिलेंडर
- नैनीताल और टिहरी: 20-20 सिलेंडर
- पौड़ी: 70 सिलेंडर
