- उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 विधानसभा चुनावों से पहले अपना 10वां पूर्ण बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें आधारभूत ढांचे, सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। ₹9.12 लाख करोड़ के इस बजट का लक्ष्य वर्ष 2029 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, साथ ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी प्राथमिकता है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य विधानसभा में बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ₹9,12,696.35 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12% अधिक है।
इस बजट में 25% राशि आधारभूत संरचना के लिए निर्धारित की गई है। प्रमुख परियोजनाओं में गोरखपुर से सहारनपुर तक नॉर्थईस्ट कॉरिडोर के लिए ₹34,000 करोड़, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पाँच रनवे तक विस्तार, तथा गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए निरंतर वित्तीय सहायता शामिल है। पूंजीगत व्यय लगभग ₹1.78 लाख करोड़ (19.5%) रखा गया है, जो दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण पर जोर दर्शाता है।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के लिए बजट का 12.4% प्रावधान किया गया है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 50 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जाएगा। तीन नए विश्वविद्यालय और 16 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
कृषि क्षेत्र में गन्ने का मूल्य ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है, जिससे किसानों को ₹3,000 करोड़ का लाभ होगा। निजी नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली जारी रहेगी। महिलाओं के लिए कन्या सुमंगला योजना में सहायता राशि बढ़ाई गई है और ₹400 करोड़ की स्कूटर योजना की घोषणा की गई है।
बजट में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹30.25 लाख करोड़ और 13.4% वृद्धि का अनुमान है। राजकोषीय घाटा 3% तक सीमित रखा गया है और ऋण-से-GSDP अनुपात 23.1% तक लाने का लक्ष्य है। सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए रोजगार मिशन की भी घोषणा की है।
