- कटौती जारी, इलाज बंद! बुजुर्ग कर्मचारियों का आरोप, सरकार की योजना जमीन पर फेल
- राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकि पहुंचे धरना स्थल
- संगठन से वार्ता की, प्रस्ताव शासन को भेजने का दिया आश्वासन
- मोहलत पर माने पेंशनर,फिलहाल आंदोलन की स्थगित
वाचस्पति रयाल@नरेंद्रनगर,रा.वि.। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए शुरू की गई गोल्डन कार्ड योजना अब सवालों के घेरे में है। योजना के तहत हर माह अंशदान कटौती के बावजूद इलाज न मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारी और शिक्षक आक्रोशित हो उठे हैं।

राजकीय पेंशनर संगठन उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेशभर के पेंशनर्स ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि चिन्हित अस्पतालों को समय पर भुगतान न होने के कारण मरीजों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है, जिससे योजना धरातल पर पूरी तरह विफल होती नजर आ रही है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे पेंशनर्स ने कहा कि हर महीने पेंशन से कटौती के बावजूद उन्हें इलाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के अभाव में कई बुजुर्ग कर्मचारियों की जान तक जा चुकी है।
प्रदर्शनकारियों ने पांच सूत्रीय मांगों में गोल्डन कार्ड के तहत सुचारु इलाज, लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान और योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। दिनभर चले धरने के बावजूद जब अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचे तो पेंशनर्स ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंततः राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकि धरना स्थल पर पहुंचे और संगठन से वार्ता की। उन्होंने हर तीन महीने में नियमित संवाद, गोल्डन कार्ड के तहत इलाज सुनिश्चित करने और बजट संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद पेंशनर्स ने फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।सभा को संबोधित करने वालों में अध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली के अलावा संरक्षक कुसुम लता शर्मा, शूरवीर सिंह असवाल, जबरचंद, शूरवीर सिंह चौहान, वाचस्पति रयाल, धर्म सिंह कृषाली, सरदार हनुमंती, खुशीराम कुकरेती, पंचम सिंह बिष्ट, ओमवीर चौधरी, चंडी प्रसाद डंगवाल, सुरेंद्र कृषाली, जबर सिंह पंवार व सरदार रोशन सिंह आदि शामिल थे।
