- MEA ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें NSA अजित डोभाल की अमेरिका यात्रा और मार्को रुबियो से मुलाकात का दावा किया गया था। मंत्रालय ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया। यह सफाई भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद संबंधों में आई नई तेजी के बीच दी गई है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल अमेरिका के वाशिंगटन दौरे पर गए और उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत-अमेरिका के बीच तनाव कम करने तथा व्यापार वार्ता पर बातचीत की। साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस रिपोर्ट का “कोई आधार नहीं है” और न तो ऐसी कोई बैठक हुई है, न ही कोई दौरा।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि डोभाल ने अमेरिका को बताया कि भारत किसी दबाव में नहीं आएगा और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल तक इंतजार करने को तैयार है। MEA के कड़े खंडन से साफ हो गया कि यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत और निराधार है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों में नई गति देखने को मिल रही है। हाल ही में घोषित व्यापार समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी वापस ले लिया गया है।
