- केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से लागू होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियमों की घोषणा की है। इन नियमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करना और लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी व सरल बनाना है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े व्यापक बदलावों को अधिसूचित किया है, जो 2026 से देशभर में लागू होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, फर्जी लाइसेंस पर रोक लगाना और नागरिकों के लिए लाइसेंस सेवाओं को आसान बनाना है।
नए नियमों के तहत लर्नर लाइसेंस में संरचित प्रशिक्षण पर अधिक जोर दिया जाएगा, जबकि ड्राइविंग टेस्ट को अधिक व्यावहारिक और सड़क आधारित बनाया जाएगा ताकि केवल प्रशिक्षित और सक्षम चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकें। लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को और अधिक ऑनलाइन किया गया है, जिससे आवेदन, नवीनीकरण, स्थिति ट्रैक करना और व्यक्तिगत विवरण अपडेट करना संभव होगा।
ट्रैफिक जुर्मानों को स्पष्ट और मानकीकृत किया जाएगा तथा कुछ श्रेणियों के वाहनों के लिए आयु सीमा में बदलाव किया गया है। डिजिटल एकीकरण के तहत चालक अब जांच के दौरान डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सकेंगे, जिससे भौतिक दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता कम होगी।
फर्जी लाइसेंस और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए आरटीओ में सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त किया गया है। बेहतर डेटाबेस लिंकिंग और दस्तावेज जांच के जरिए लाइसेंस की प्रामाणिकता सुनिश्चित की जाएगी। सड़क पर जांच के दौरान ट्रैफिक अधिकारियों को लाइसेंस रिकॉर्ड तक तेजी से पहुंच मिलेगी।
मौजूदा लाइसेंस धारकों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन्हें नए नवीनीकरण नियमों का पालन करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विवरण सिस्टम में सही हों। जिन चालकों का लाइसेंस समाप्त हो चुका है या नवीनीकरण लंबित है, उन्हें समय रहते कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम 2026 का उद्देश्य सुरक्षित सड़कें, बेहतर प्रशिक्षित चालक और तेज व पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
