- मुनि की रेती में ‘जन-जन की सरकार’ शिविर में 441 लोगों ने किया प्रतिभाग
- 21 शिकायतें दर्ज, कई का मौके पर हुआ निस्तारण
- गंगा प्रदूषण और जन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खंडेलवाल के निर्देशन में नगर पालिका परिषद मुनि की रेती के 14 बीघा स्थित रामलीला मैदान में जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को प्रशासनिक सेवाओं से सीधे जोड़ते हुए उनकी शिकायतों का मौके पर समाधान उपलब्ध कराना था।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और पेयजल, सीवरेज, स्वच्छता, यातायात, पार्कों की स्थिति, शिक्षा संस्थानों की मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदेश महामंत्री विकास चंद्र रयाल ने शिविर में जन सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जनसमस्या समाधान शिविर तभी सार्थक माने जाएंगे जब समस्याओं का वास्तविक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। रयाल ने मुनि की रेती क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था की खामियों और गंदे नालों का पानी गंगा में मिलने से बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर जन स्वास्थ्य और धार्मिक आस्था पर पड़ रहा है, इसलिए इस समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या को भी गंभीर बताते हुए कहा कि सड़कों पर घूम रहे गोवंश से यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने गोवंश के लिए उचित आश्रय स्थल और प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त रयाल ने सुमन वाटिका पार्क पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पार्क के गेट पर ताला जड़े रहने को अनियमित और जनहित के प्रतिकूल बताते हुए इसकी जांच की मांग की। उन्होंने आईटीआई कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी, शौचालय निर्माण, भूमि आवंटन से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा युवाओं के रोजगार को ध्यान में रखते हुए टूरिज्म विषय प्रारंभ किए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष शिकायतों को जनसमर्पण पोर्टल पर अपलोड कर समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में कुल 441 लोगों ने प्रतिभाग किया। स्वास्थ्य जांच एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से 146 लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविर में मुनि की रेती नगर पालिका की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, एसडीएम आशीष घिल्डियाल, डीएसओ मनोज डोभाल, ईओ अंकिता जोशी, सुरेंद्र सिंह नेगी, उषा चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
