- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान भारत और मलेशिया ने व्यापार, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, उभरती तकनीकों और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने ASEAN केंद्रीयता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता व सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा ने भारत–मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी। कुआलालंपुर में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में दोनों नेताओं ने 2024 में स्थापित भारत–मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
वार्ता का एक प्रमुख मुद्दा व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग रहा। पीएम मोदी ने ASEAN–भारत व्यापार वस्तु समझौते (AITIGA) की समीक्षा में मलेशिया के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इसकी समीक्षा जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए। दोनों नेताओं ने AITIGA और मलेशिया–भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (MICECA) को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सुरक्षा सहयोग पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद-रोधी प्रयासों, खुफिया जानकारी साझा करने, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे। रक्षा सहयोग को अधिक व्यापक बनाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने वैश्विक शासन सुधार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और भारत–ASEAN साझेदारी के विस्तार जैसे क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। पीएम मोदी ने ASEAN केंद्रीयता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और इंडो-पैसिफिक को वैश्विक विकास का इंजन बताया।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 11 समझौतों और सहमतियों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें सेमीकंडक्टर सहयोग, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार से मुकाबला, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, स्वास्थ्य, व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के बीच सहयोग शामिल हैं। खासतौर पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर सहमति बनी, जिसमें मलेशिया एक प्रमुख वैश्विक निर्यातक है।
जन-केंद्रित पहलों के तहत मलेशिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास की स्थापना, यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में थिरुवल्लुवर केंद्र और मलेशियाई नागरिकों के लिए थिरुवल्लुवर छात्रवृत्तियों की घोषणा की गई। डिजिटल भुगतान और आयुर्वेद शिक्षा में भी सहयोग पर सहमति बनी।
पीएम मोदी ने भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात की और INA के दिग्गज जयराज राजा राव से भेंट कर दोनों देशों के ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों को रेखांकित किया।
