- इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत नई दिल्ली में हुई, जिसमें विश्व के कई देशों के नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिम्मेदार एआई विकास पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि एआई द्वारा फैलायी जाने वाली गलत सूचना लोकतंत्र को कमजोर कर सकती है। इस सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, एआई शासन और भारत की डिजिटल नवाचार क्षमता पर विशेष चर्चा हो रही है।
नई दिल्ली: पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन 16 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडापम्म में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परिवर्तन के अग्रिम मोर्चे पर खड़ा है और नवाचार के साथ जिम्मेदारी भी निभा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई-जनित गलत सूचना लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को पटरी से उतार सकती है, इसलिए इसके लिए मजबूत नैतिक ढांचे और वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
सम्मेलन में लगभग 20 देशों के नेता और करीब 100 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रमुख तकनीकी हस्तियों में सुंदर पिचाई और सैम अल्टमैन शामिल हैं। इसके अलावा Emmanuel Macron (फ्रांस), Luiz Inácio Lula da Silva (ब्राज़ील) और Pedro Sánchez (स्पेन) जैसे विश्व नेता भी उपस्थित हैं। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर का एआई शिखर सम्मेलन किसी ग्लोबल साउथ देश में आयोजित हो रहा है।
पांच दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 3,250 से अधिक वक्ता और 500 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें एआई शासन, नवाचार, तकनीक तक समान पहुंच और वैश्विक सहमति जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
साथ ही, National Payments Corporation of India ने विदेशी प्रतिनिधियों के लिए ‘यूपीआई वन वर्ल्ड’ वॉलेट सेवा शुरू की है, जिससे वे बिना भारतीय बैंक खाते के देशभर में डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। यह भारत की मजबूत डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है।
