- उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए बड़े फैसले
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में विज़न से विज़िबल डेवलपमेंट की ओर एमडीडीए
देहरादून@राष्ट्रीय विचार। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर निर्णायक कार्रवाई की ओर बढ़ चुका है। प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनाइज़रों और गैरकानूनी प्लॉटिंग नेटवर्क के खिलाफ “डिजिटल वार” की रणनीति तैयार की है, जिसके तहत अवैध प्लॉटिंग से जुड़े लोगों की पूरी जानकारी एक विशेष वेब पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी। इससे आम नागरिक भी अवैध गतिविधियों की पहचान कर सकेंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
शनिवार को आईएसबीटी स्थित एमडीडीए कार्यालय में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण और ठोस निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों का डेटा डिजिटली रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसमें लोकेशन, प्लॉटिंग का विवरण, संबंधित व्यक्तियों के नाम, पूर्व में हुई कार्रवाई और कानूनी स्थिति जैसी जानकारियाँ शामिल होंगी। यह जानकारी वेब पोर्टल पर अपलोड की जाएगी ताकि आम जनता, निवेशक और प्रशासन सभी को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
एमडीडीए का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी सार्वजनिक होने से अवैध प्लॉटिंग पर न केवल अंकुश लगेगा, बल्कि आम लोग भी धोखाधड़ी से बच सकेंगे। साथ ही, अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वालों को पहले ही चेतावनी मिल जाएगी कि संबंधित भूमि या प्लॉट कानूनी मानकों पर खरा नहीं उतरता।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और फील्ड स्तर पर निरीक्षण टीमों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। ड्रोन सर्वे, डिजिटल मैपिंग और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को भी मजबूत करने की योजना पर चर्चा हुई, ताकि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अनियोजित विकास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग न केवल पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम नागरिकों के भविष्य और निवेश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।
इस डिजिटल पहल के जरिए एमडीडीए न केवल अवैध प्लॉटिंग माफिया पर शिकंजा कसेगा, बल्कि आम जनता को भी जागरूक और सशक्त बनाएगा, जिससे देहरादून-मसूरी क्षेत्र में पारदर्शी, सुरक्षित और नियोजित विकास को नई दिशा मिल सकेगी। बैठक में सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउंड को दिल्ली की तर्ज पर हर-भरा बनाने की कवायद में जुट गया है। इसके लिये एमडीडीए की टैक्निकल टीम शीघ्र दिल्ली विकास प्राधिकर (डीडीए) जाकर अध्ययन करेगी। डीडीए के पार्कों की तर्ज पर दून के पार्को को विकसित किया जायेगा। एमडीडीए की यह परियोजना शहरी जीवन में हरित विराम (ग्रीन ब्रेक) देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। वीसी बंशीधर तिवारी ने बताया उत्तराखंड को सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप विकसित करने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब विज़न को साकार करने के मिशन मोड में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा मुख्य सचिव के निर्देशों के क्रम में मसूरी रोड की वैली साइड पर लाइटिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में यह योजना बेहद अहम साबित होगी। धर्मपुर चौक के समीप मंदिर के पास खाली भूमि पर पार्क निर्माण और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापना के निर्देश दिए गए। यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा। बैठक में एमडीडीए का टैक्निकल स्टाफ और अधिकारी मौजूद रहे।

- नागरिकों को कार्यालय के नही लगाने पड़े चक्कर
बैठक की शुरुआत विगत तीन माह में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत आवासीय एवं व्यवसायिक मानचित्रों की सेक्टरवार समीक्षा से हुई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और नियमानुसार कार्य शीघ्र पूरा हो।
- नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही
बैठक में उन प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया, जिनमें मानचित्र शमन अथवा स्वीकृति के बाद भी निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया। इस विषय पर उपाध्यक्ष ने समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा चिन्हित प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई कर यह संदेश साफ किया गया कि नियम सबके लिए समान हैं।
अवैध निर्माण के खिलाफ सेक्टरवार चलेगा अभियान
शहर की बेतरतीब होती तस्वीर पर लगाम कसने के लिए एमडीडीए अब सेक्टरवार संयुक्त अभियान चलाएगा। निर्धारित दिन पर समस्त अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई होगी। उपाध्यक्ष ने दो टूक कहा “अवैध निर्माणों पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।” आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा अवैध प्लॉटिंग पर की गई कार्रवाई की जानकारी अब प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोग फर्जी कॉलोनियों के जाल में फंसने से भी बच सकेंगे।
- धोरण क्षेत्र में आवासीय भविष्य की नींव
लैंड पूलिंग के तहत खरीदी गई भूमि पर प्लॉटेड आवासीय योजना को मई 2026 तक धरातल पर लाने के निर्देश दिए गए। धोरण क्षेत्र में प्रस्तावित आवासीय योजना सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री के साथ विकसित की जाएगी।
- जनहित से जुड़े विकास सर्वोपरि: सचिव मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्राधिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभागों को समयबद्ध कार्य, गुणवत्ता और नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं। अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
