- संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त तेज,सूखी पत्तियों को किया जा रहा एकत्र
- वन विभाग ने जनता से की सहयोग की अपील
नीरज सती@ रामनगर रा.वि.। होली पर्व से ठीक पहले रामनगर वन प्रभाग में गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर लोग रंगों के त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। सूखी पत्तियों और ज्वलनशील पदार्थों के चलते बढ़ती वनाग्नि की आशंका को देखते हुए विभाग ने विशेष एहतियाती अभियान शुरू कर दिया है।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ध्रुव मर्तोलिया के निर्देशन में टीमें लगातार जंगल क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। वन क्षेत्रों में गिरी सूखी पत्तियों को एकत्र कर नियंत्रित एवं वैज्ञानिक तरीके से जलाया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित अनियंत्रित आग को पहले ही रोका जा सके। यह पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी और सुरक्षा मानकों के तहत की जा रही है।
वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है लापरवाही
विशेषज्ञों के अनुसार, होली के दौरान अक्सर लापरवाही में लोग जलती लकड़ियां, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील सामग्री जंगलों के समीप फेंक देते हैं, जिससे आग तेजी से फैल सकती है। ऐसी घटनाएं न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि जंगलों में रहने वाले हिरण, सियार, तेंदुआ, पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
वनाग्नि की एक छोटी चिंगारी भी हजारों जीवों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर सकती है। घोंसलों में पल रहे पक्षी, झाड़ियों में छिपे छोटे जीव और वन क्षेत्र पर निर्भर कई प्रजातियां आग की चपेट में आकर असहाय हो जाती हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी
वन विभाग ने संवेदनशील और वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, धुएं या आग की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे जंगलों के आसपास आग न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।
