- बाल सुरक्षा, साइबर क्राइम और सड़क सुरक्षा पर विशेष कार्यशाला, मेधावी छात्रों को किया सम्मानित
वाचस्पति रयाल @ टिहरी (जौनपुर)।
टिहरी जिले के विकासखंड जौनपुर स्थित ब्लॉक मुख्यालय थत्यूड़ में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में बाल अधिकार एवं सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और समसामयिक खतरों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य/सचिव डॉ. एस.के. बरनवाल ने बाल अपराध, पोक्सो कानून, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को समझाया कि अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना और किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि की तुरंत जानकारी देना बेहद आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जज/सचिव आलोक राम त्रिपाठी ने पोक्सो कानून की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार के शोषण की घटनाओं को छुपाना स्वयं के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने बच्चों को निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का संदेश दिया।
साइबर सेल से गोपाल दत्त भट्ट ने साइबर सुरक्षा अधिनियम 2000 और नशा मुक्ति के संदर्भ में ऑनलाइन अपराधों से बचाव के उपाय बताए। खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि विनोद सेमवाल ने आईटी एक्ट की जानकारी दी, जबकि ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी सीमा ने भारतीय न्याय संहिता से जुड़े प्रावधानों को समझाया। एआरटीओ सतेंद्र राज ने सड़क सुरक्षा और मोटर वाहन अधिनियम के नियमों की जानकारी देकर बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बच्चों के अधिकार, बाल श्रम उन्मूलन और बाल विवाह निषेध के विषय में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित बच्चों से बाल विवाह निषेध की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने ऑनलाइन संबोधन के माध्यम से आयोग की गतिविधियों की जानकारी दी और बच्चों को आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कौशल विकास शिक्षा को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश भी दिया।
- मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान
कार्यशाला के दौरान वर्ष 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। हाईस्कूल वर्ग में वर्तिका नौटियाल, सिद्धार्थ और अरुण को सम्मानित किया गया, जबकि इंटरमीडिएट में रविना, आदित्य सजवाण और साक्षी को सम्मान प्रदान किया गया।
इसके अलावा जिला प्रोबेशन विभाग के अंतर्गत तीन अनाथ बच्चों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में आयोग के अनुसचिव डॉ. एस.के. सिंह, उप-जिलाधिकारी धनौल्टी नीलू चावला, बीडीओ अर्जुन, वरिष्ठ अधिवक्ता राजपाल मिया, डॉ. रोशनी सती, डी.पी. चमोली, जिला बाल कल्याण समिति सदस्य मस्तराम डोभाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनिता उनियाला, सुखदेव बहुगुणा, बालकृष्ण भट्ट, बाल विकास विभाग से सोनी रावत, प्रभा पंवार, अरविंद नौटियाल सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, प्रधानाचार्य एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
कार्यशाला को बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं में जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों का संचार हुआ।
