Adi Kailash Yatra Set to Operate Year-Round, Boosting Tourism in Pithoragarh and Dharchula
- धामी सरकार की पहल से बदलेगी आदि कैलाश की तस्वीर
- रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नदीम परवेज@ धारचूला।
सीमांत क्षेत्र धारचूला और पिथौरागढ़ के वासिंदों के लिए उत्साहभरी खबर सामने आई है। जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब प्रतिकूल मौसम और आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर आदि कैलाश यात्रा को वर्षभर संचालित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने संबंधित विभागों को यात्रा के सुचारु संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, पर्यटकों की सुविधा और सीमांत क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए आदि कैलाश यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जाएगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा के प्रभावी संचालन के लिए सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा।
यात्रा मार्ग पर सड़क, पेयजल, विद्युत, संचार, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन और आपदा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी विभाग आपसी समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
प्रशासन का मानना है कि वर्षभर यात्रा संचालन से सीमांत जिले में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
साल-दर-साल बढ़ रही यात्रियों की संख्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्टूबर 2023 में आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। वर्ष 2023 में जहां 17,408 पर्यटक आदि कैलाश पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 52,277 हो गई। वर्तमान वर्ष में अब तक 76,930 से अधिक पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं और साल के अंत तक यह आंकड़ा डेढ़ लाख पार करने की उम्मीद है।
क्षेत्र में 550 से अधिक होमस्टे संचालित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय परिवारों को रोजगार और आय का मजबूत साधन मिला है। वर्षभर आदि कैलाश यात्रा की पहल को सीमांत क्षेत्र के आर्थिक विकास और धार्मिक पर्यटन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
