भारत ने मोबाइल फोन आयात पर अपनी निर्भरता में बड़ी कमी की है। वर्ष 2014–15 में मोबाइल फोन का आयात ₹48,609 करोड़ था, जो 2024–25 में घटकर ₹3,710 करोड़ रह गया। वहीं, इसी अवधि में मोबाइल फोन का निर्यात तेज़ी से बढ़ा है और यह ₹1,566 करोड़ से बढ़कर ₹2.05 लाख करोड़ से अधिक हो गया। जितिन प्रसाद ने संसद को यह भी बताया कि 2024–25 में चीन से होने वाले आयात में कई क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें उर्वरक क्षेत्र में सबसे अधिक 61.4% की कमी आई, इसके बाद रसायन (19.7%), लौह एवं इस्पात (10.3%) और मानव-निर्मित सूत (9.5%) शामिल हैं।
हालांकि, चीन के साथ व्यापार को सीमित या संतुलित करने की तमाम चर्चाओं के बावजूद, भारत–चीन व्यापार लगातार बढ़ रहा है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचकर 155.6 अरब डॉलर रहा, जो 12% की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान चीन को भारत का निर्यात भी 9.7% बढ़ा है।
