Law and Order Collapse in Uttarakhand, Claims Jyoti Rautela; Women’s Crimes Rising
- महिलाओं के लिए असुरक्षित हो चुकी देवभूमि
- उत्तराखंड में जंगलराज कायम: ज्योति रौतेला
देहरादून@rashtriy vichar। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने देश और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगलराज कायम हो चुका है। उन्होंने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देवभूमि अब महिलाओं के लिए असुरक्षित हो चुकी है और भाजपा के राज में उत्तराखंड महिला अपराधों में हिमालयी राज्यों में शीर्ष पर पहुंच गया है।
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने वर्षवार आंकड़े प्रस्तुत किए। रौतेला ने कहा कि भाजपा शासन में 2021 से 2026 के बीच अपराधों में निरंतर वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 2021 में महिला अपराध के 3,431 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 तक बढ़कर 4,200 के पार पहुंच गए हैं।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर ऊधमसिंह नगर में नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हाल ही में हरिद्वार में चार साल की मासूम की हत्या जैसी घटनाओं ने समाज को झकझोर दिया है।
उन्होंने प्रदेश की प्रमुख चर्चित घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच को दबाने का आरोप लगाया। आईएसबीटी देहरादून में अगस्त 2024 और बहादराबाद में जून 2024 की सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं हुई।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा और द्वाराहाट में दलित युवतियों के साथ हुई दरिंदगी और अभी हाल ही में पीआरडी जवान की रायपुर थाने में मौत और रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत पर सरकार को सबक लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अपराधों पर तत्काल लगाम नहीं लगी तो सड़कों पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, जिलाध्यक्ष पूनम कंडारी, महासचिव सुशीला शर्मा, सावित्री थापा आदि उपस्थित रहे।
रौतेला ने आरोप लगाया कि प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून अब माफियाओं और अपराधियों का शरणस्थली बन गई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में शहर में दस से अधिक हत्या व गंभीर अपराध की घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
ज्योति रौतेला ने राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने जैफ्री एपस्टीन केस में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम आने और अंकिता भंडारी केस में वीआईपी को बचाने के प्रयासों पर सवाल उठाए। कहा कि लगातार वीआईपी को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
