Seminar on Career Opportunities in Sports Inspires Students in Uttarakhand Colleges
- क्रीड़ा के क्षेत्र में रोजगार विषय पर महाविद्यालय पोखरी में संगोष्ठी का आयोजन
- खेलों में करियर की नई राह: पोखरी महाविद्यालय में संगोष्ठी से छात्राओं को मिला मार्गदर्शन
- छात्राओं को खेल क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से कराया अवगत
वाचस्पति रयाल@ नरेन्द्र नगर/पोखरी,रा. वि .।
बदलते दौर में खेल अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए उज्ज्वल करियर का मजबूत विकल्प बनते जा रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय में क्रीड़ा के क्षेत्र में रोजगार विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को खेलों में करियर की अपार संभावनाओं से अवगत कराया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शशि बाला वर्मा के निर्देशन में कैरियर काउंसलिंग सेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती सरिता देवी ने बताया कि हाल ही में आयोजित वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे उनके अंदर खेलों के प्रति उत्साह और रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इसी उत्साह को दिशा देने के उद्देश्य से इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पीटीआई शिक्षक प्रणय उनियाल ने छात्राओं को बीपीएड, डीपीएड और एमपीएड जैसे कोर्सों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खेलों के माध्यम से न केवल सरकारी नौकरियों, बल्कि कोचिंग, फिटनेस इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करियर बनाया जा सकता है।
वहीं डॉ. वंदना सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि खेल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि आज के समय में खेलों के जरिए युवा न केवल अपना भविष्य संवार रहे हैं, बल्कि देश और समाज का नाम भी रोशन कर रहे हैं।
प्रोफेसर डी.पी. सिंह ने भी खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. शशि बाला वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और खेलों में भी उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं, जरूरत है तो केवल समर्पण और निरंतर प्रयास की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के कई शिक्षक एवं कर्मचारी—डा. गणेश भागवत, डा. नीमा भेतवाल, डा. मुकेश सेमवाल, श्रीमती रेखा, मुकेश, अंकित, नरेंद्र बिजल्वाण, नरेश, श्रीमती सुनीता, मूर्ति सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
यह संगोष्ठी न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी, बल्कि उन्हें अपने करियर को लेकर नई दिशा और सोच भी प्रदान कर गई।
