Bal Kunwari Bhagwati Temple Pran Pratishtha Begins in Nasogi Village, Narendra Nagar
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर।
विकासखंड नरेंद्रनगर की पट्टी दोगी के गांव नसोगी में क्षेत्र की रक्षक व ईस्ट देवी माने जाने वाली, मां बाल कुंवारी भगवती की नव मूर्ति गर्भ गृह में स्थापित करने व मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हेतु आचार्यों की विद्वान मंडली द्वारा विधि विधान पूर्वक तीन दिनों का अनुष्ठान महायज्ञ विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ कर दिया गया है। बताते चलें कि गांव में मां बालकुंवारी भगवती का बहुत पुराना और जीर्ण-शीर्ण मंदिर था। गांव के बुजुर्ग लोग बताते हैं कि मां बालकुंवारी क्षेत्र की रक्षक और ईस्ट देवी मानी जाती है।

ग्रामीणों पर जब भी कष्ट आते हैं, मां का स्मरण करने से ही कष्ट दूर हो जाते हैं, यही कारण रहा कि कोरोना काल में मां के स्मरण करने से कोई संक्रमित नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर सर्वसम्मत निर्णय लिया कि मां का जीर्ण-शीर्ण मंदिर का जीर्णोद्धार कर भव्य मंदिर स्थापित किया जाए। खास बात यह है कि 35 से 40 परिवारों वाला नसोगी गांव के ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 30 लाख से अधिक का भव्य मंदिर बनाया, इस मंदिर के निर्माण में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के वन तकनीकी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा 1लाख 50 हजार की धनराशि प्रदान की गई थी।

मां की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और मूर्ति को गर्भ गृह में स्थापित करने हेतु आचार्य मंडली द्वारा यज्ञ अनुष्ठान विधि विधान पूर्वक शुभारंभ कर दिया गया है। यज्ञाचार्य रमेश उनियाल, आचार्य पंडित मुकुंदी राम कपरूवान, आचार्य पंडित हेतराम कपरूवान, पंडित प्रमोद कुलियाल व पंडित दीक्षांत डंगवाल द्वारा पूजा अर्चना प्रारंभ की गई है।
मां बालकुंवारी की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हेतु मुख्य प्रवचन कर्ता विद्वान यज्ञाचार्य रमेश उनियाल व आचार्य पंडितों की मंडली ने कष्ट निवारनी, जगत तारिणी मां बालकुवांरी सहित तमाम देवी देवताओं का मंत्रोच्चार के साथ स्मरण करते हुए आह्वान किया कि दिव्य धातु की मूर्ति में देवी शक्ति का वास हो। यज्ञाचार्य रमेश उनियाल ने श्रद्धालु यजमानों को बताया कि मंत्रोच्चार व अनुष्ठानों के माध्यम से मूर्ति में प्राण अर्थात दैवीय शक्ति का वास होता है। भक्त व देवी- देवताओं के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित होता है, मानसिक व आध्यात्मिक शांति मिलती है। वशर्ते कि यजमान मनोयोग से देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धानत व निष्ठावान हों। इस दौरान गांव के ग्रामीणों में एकता, समूह में काम करने की उत्कंठा तथा अपार उत्साह दिखाई दे रहा था।
इस मौके पर मंदिर समिति के नागेंद्र रयाल, गुनानंद रयाल,सोम दत्त रयाल, हरिप्रसाद रयाल, नवीन रयाल,बचन देव रयाल, सूर्य प्रकाश रयाल के अलावा तारा दत्त रयाल, रमेश रयाल,सुरेश रयाल, दर्शन लाल,राम प्रसाद रयाल,श्यामलाल, सुंदरलाल, मुंशी राम रयाल, दयानंद रयाल,कमलेश रयाल सहित गांव के महिला, बुजुर्ग व बच्चे यज्ञ अनुष्ठान में शामिल थे।
